KGMU में डिजिटल निगरानी, मरीजों के मोबाइल पर पहुंचेगी हर जानकारी

नवभारतटाइम्स.कॉम

केजीएमयू में दवा घोटाले के बाद व्यवस्था को डिजिटल बनाया जा रहा है। हॉस्पिटल इंफर्मेशन सिस्टम (एचआईएस) जल्द शुरू होगा। इससे मरीजों, डॉक्टरों और प्रशासन के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान ऑनलाइन होगा। मरीज के नाम पर होने वाली हर गतिविधि की जानकारी सीधे उसके मोबाइल पर पहुंचेगी। फर्जी इंडेंट पर भी रोक लगेगी।

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जल्द शुरू होगा HIS सिस्टम, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

n NBT न्यूज, लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में सामने आए करोड़ों रुपये के कथित दवा घोटाले के बाद अब अस्पताल प्रशासन पूरी व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। संस्थान में हॉस्पिटल इंफर्मेशन सिस्टम (एचआईएस) लागू करने की तैयारी तेज कर दी गई है। यह सिस्टम शुरू होने के बाद मरीजों, डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएगा। सबसे बड़ी बात यह होगी कि मरीज के नाम पर होने वाली हर गतिविधि की जानकारी सीधे उसके मोबाइल पर पहुंचेगी।

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि सबकुछ ऑनलाइन होने पर ही सभी समस्याओं पर रोक लगाया जा सकता है। इसके लिए वीसी सोनिया नित्यानंद लगातार प्रयास कर रही हैं। नेक्स्ट जेन सॉफ्टवेयर ढेर सारे इश्यू में सपोर्ट नहीं कर रहा। इसलिए इसके विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।

कई कंपनियों के सिस्टम का किया गया परीक्षण: सूत्रों के अनुसार केजीएमयू प्रशासन पिछले एक सप्ताह से लगातार बैठकें कर रहा है। कई सेवा प्रदाता कंपनियों से बातचीत की जा चुकी है और उनके एचआईएस सिस्टम का ट्रायल लिया गया है। प्रशासन जल्द ही अंतिम निर्णय लेगा।

नहीं हो सकेगा फर्जी इंडेंट: एचआईएस सिस्टम लागू होने के बाद मरीज के नाम पर किसी भी प्रकार की दवा, जांच या उपकरण की मांग होने पर संबंधित मरीज के मोबाइल नंबर पर तत्काल संदेश पहुंचेगा।