Negligence Of Coaching Centers In Delhi lucknow Ignoring Rules Proving Costly Many Deaths
दिल्ली हो या लखनऊ, नियमों की अनदेखी पड़ रही भारी
नवभारतटाइम्स.कॉम•
nNBT रिपोर्ट, नई दिल्ली
सोमवार को लखनऊ के अलीगंज में आग लगने के कारण कई लोगों की मौत हो गई। इमारत में चल रहे कोचिंग सेंटर के कई स्टूडेंट्स भी इस हादसे की चपेट में आए गए। कई की मौत हो गई तो काफी लोग घायल भी हुए। इसके बाद कोचिंग सेंटरों में फायर सेफ्टी नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस हादसे ने 15 जून 2023 को दिल्ली के मुखर्जी नगर के एक कोचिंग सेंटर में लगी आग की घटना को भी ताजा कर दिया है। उस हादसे में किसी की मौत तो नहीं हुई थी, लेकिन जान बचाने की कोशिश में कुछ छात्र जख्मी हो गए थे और कुछ धुएं की वजह से बीमार पड़ गए थे। घटना के वक्त चार मंजिला इमारत में चल रहे कोचिंग सेंटरों में 200 से ज्यादा छात्र मौजूद थे। कई छात्रों को रस्सियों के सहारे बाहर निकालना पड़ा था। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए बिना फायर NOC के चल रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके उन्हें बंद करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद एमसीडी ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में अभियान चलाकर कई कोचिंग सेंटरों को सील भी किया था। सीलिंग अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले एमसीडी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि दिल्ली फायर सर्विस ने हाई कोर्ट को बताया था कि अकेले मुखर्जी नगर इलाके में 583 कोचिंग सेंटर चल रहे हैं, जिनमें से मात्र 67 के पास ही फायर एनओसी है। एमसीडी ने यहां 70 से अधिक कोचिंग सेंटरों को सील किया था और 25 से अधिक सेंटरों को सीलिंग का नोटिस दिया था। हालांकि, इस सबके बावजूद अभी भी दिल्ली में सैकड़ों की तादाद में बिना फायर एनओसी के कोचिंग सेंटर चल रहे हैं।
दिल्ली सरकार ला रही है नई नीति
हालांकि, अब आग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए दिल्ली सरकार भी कोचिंग सेंटर्स चलाने के लिए नए नियम-कानून बनाने जा रही है। नई नीति का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए हाल ही में सरकार ने नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी कर दी है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा है कि दिल्ली सरकार कोचिंग संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से ले रही है।
एसी के बढ़ते इस्तेमाल से खतरा
एमसीडी अधिकारियों का कहना है कि कोचिंग सेंटरों में आग लगने का मुख्य कारण है पावर लोड पर नियंत्रण न होना है। आज ज्यादातर कोचिंग सेंटरों में बड़े पैमाने एसी का इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में अगर पावर लोड कम है, बिजली की वायरिंग सही नहीं है या एसी के मेंटेनेंस में लापरवाही बरती जा रही है, तो फिर हर वक्त शॉर्ट सर्किट से आग लगने का खतरा बना रहता है। ऊपर से इन सेंटरों में आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम नहीं होते हैं।
दोनों जगहों पर कारण एक ही
हाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर, विवेक विहार, पालम जैसे इलाकों में हुए बड़े अग्निकांड में भी यही देखने में आया था कि इमारत के बाहरी हिस्से को शीशा लगाकर पूरी तरह कवर करने, बालकनी के चारों तरफ ग्रिल लगाने, छत का दरवाजा बंद रखने, इमारत में एंट्री-एग्जिट का एक ही रास्ता होने और ट्रैफिक जाम के कारण दमकल की गाड़ियों के देर से पहुंचने के कारण आग लगने के बाद लोग इमारतों के अंदर फंसे रह गए।