Thousands Of Trees Dried Due To Black Water Punishment Forest Area Destroyed By Sewer Water In Faridabad Video Viral
‘काले पानी’ की सजा से सूखे हजारों पेड़, विडियो वायरल
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, फरीदाबाद
बड़खल झील को दोबारा भरने के प्रशासनिक दावों के बीच एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। झील में डाले जा रहे सीवर के ट्रीटेड पानी के कारण ऐतिहासिक परसोन मंदिर के पास बने बगीचे और वन क्षेत्र (फॉरेस्ट एरिया) के सैकड़ों पेड़ सूख गए हैं। शहर के पर्यावरण प्रेमियों द्वारा इस समस्या को उठाए जाने के बाद अब यह मामला हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री (Forest Minister) राव नरबीर सिंह के पास पहुंच गया है। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों से इसकी गहन जांच करवाने का भरोसा दिया है। मामला तब गरमाया जब फरीदाबाद के पर्यावरण प्रेमियों ने परसोन मंदिर फॉरेस्ट एरिया का दौरा किया और वहां बड़े पैमाने पर सूख चुके पेड़ों का एक विडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। यह विडियो देखते ही देखते वायरल हो गया, जिसने वन विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद NBT ने पर्यावरण और जनहित से जुड़े इस मुद्दे को सीधे हरियाणा के फॉरेस्ट मिनिस्टर राव नरबीर सिंह के समक्ष उठाया, जिस पर मंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।सीवर का गंदा पानी या केमिकल? पर्यावरण प्रेमियों के गंभीर आरोप
दरअसल, फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा सेक्टर-21 में 10 एमएलडी (MLD) की क्षमता का एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाया गया है। नियम के मुताबिक, इस प्लांट से पानी को अच्छी तरह ट्रीट करने के बाद बड़खल झील में डाला जाता है। वर्तमान में इस पानी से बड़खल झील भर चुकी है, लेकिन झील का कुछ पानी ओवरफ्लो होकर पास में स्थित परसोन मंदिर के फॉरेस्ट एरिया तक पहुंच गया है। पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि एसटीपी प्लांट से पानी को सही मानकों पर ट्रीट नहीं किया जा रहा है। पानी में खतरनाक केमिकल और सीवर की गंदगी मौजूद है, जिसकी वजह से इस बगीचे के हजारों हरे-भरे पेड़ असमय ही सूख गए हैं। इनमें कई विशाल पेड़ थे।