आंधी के बाद बिजली व्यवस्था बेपटरी, 246 जगह बत्ती गुल

नवभारतटाइम्स.कॉम
gurgaons power system disrupted by storm lights out in 246 places
n NBT न्यूज, गुड़गांव

मंगलवार शाम आई तेज आंधी और धूल भरी हवाओं ने शहर की बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। बिजली लाइनों और उपकरणों में कई जगह फॉल्ट आए, जिससे शहर के विभिन्न इलाकों में बार-बार ट्रिपिंग और बिजली कटौती की समस्या बनी रही। दोनों सर्कल में कुल 246 ट्रिपिंग और 34 बड़े ब्रेकडाउन आए।
डीएचबीवीएन की रिपोर्ट के मुताबिक, गुड़गांव-1 सर्कल में 110 फीडरों पर 141 ट्रिपिंग और 20 ब्रेकडाउन हुए, जबकि गुड़गांव -2 सर्कल में 81 फीडरों पर 105 ट्रिपिंग और 14 ब्रेकडाउन दर्ज किए गए। सबसे अधिक असर न्यू गुड़गांव और द्वारका एक्सप्रेसवे क्षेत्र में देखने को मिला। सेक्टर-81 से 95, सेक्टर-99 से 115, सेक्टर-37डी, सेक्टर-83, 84, 85, 86, 90, 91, 92, 95, 102, 103, 109 और 112 सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। इन इलाकों में स्थित कई बड़ी रिहायशी सोसायटियों के निवासियों को शाम के समय बिजली कटौती और ट्रिपिंग की समस्या का सामना करना पड़ा। गुड़गांव -1 के 11 केवी एयरकॉन इंडस्ट्रियल फीडर पर केबल क्षतिग्रस्त होने से सबसे लंबा ब्रेकडाउन दर्ज किया गया। यह फीडर करीब सात घंटे 30 मिनट तक प्रभावित रहा। वहीं सर्कल -2 के 11 केवी आईटीसी इंडस्ट्रियल फीडर पर केबल डैमेज होने से करीब चार घंटे 30 मिनट तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा सेक्टर-85 स्थित 220 केवी सबस्टेशन से जुड़े 33 केवी फीडर में भी केबल डैमेज के कारण दोपहर 2:10 बजे से शाम 5:10 बजे तक करीब तीन घंटे का ब्रेकडाउन दर्ज किया गया। इस फॉल्ट का असर सेक्टर-83, 84, 85 और आसपास के नए विकसित रिहायशी क्षेत्रों पर पड़ा।

गर्मी में बढ़ा बिजली पर दबाव: गर्मी और उमस बढ़ने के साथ शहर में बिजली की मांग लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के बढ़ते उपयोग से बिजली नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। ऐसे में आंधी, बारिश या तेज हवाओं के दौरान छोटी तकनीकी खराबियां भी बड़े फॉल्ट का कारण बन जाती हैं। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होने पर अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई, जबकि क्षतिग्रस्त केबल और उपकरणों की मरम्मत के लिए टीमों को तैनात किया गया। उपभोक्ताओं से भी बिजली का संयमित उपयोग करने की अपील की गई है।