रैपिड ट्रेन की तरह नज़र आएगी ओल्ड गुड़गांव मेट्रो

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old gurgaon metro to look like rapid train funding may come from germany
Yashlok.Singh

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n गुड़गांव : ओल्ड गुड़गांव मेट्रो रेल प्रॉजेक्ट पर काम जारी है। सूत्रों की मानें तो यह मेट्रो दिखने में रैपिड ट्रेन जैसी नजर आएगी। गुड़गांव मेट्रो रेल लिमिटेड ( GMRL ) रोलिंग स्टॉक, यानी मेट्रो कोच की खरीद के लिए जर्मनी के वित्तीय संस्थान KFW से फंड लेने की कोशिश में जुट गया है। बातचीत जारी है। जर्मनी के प्रतिनिधि गुड़गांव में हैं, जो प्रॉजेक्ट के बारे में जानकारी लेने के साथ हर बिंदु का निरीक्षण कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, पहले चरण में तीन-तीन कोच वाली 28 ट्रेन सेट खरीदने की योजना है।

मेट्रो परियोजना में रोलिंग स्टॉक को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यात्रियों की क्षमता, परिचालन दक्षता और यात्रा अनुभव काफी हद तक इसी पर निर्भर करते हैं। प्रस्तावित कॉरिडोर पर रैपिड मेट्रो की तर्ज पर ट्रेनें चलेंगी। शुरुआती यूनिट तीन कोच की होगी। जरूरत के अनुसार इन ट्रेनों को छह कोच तक बढ़ाया जा सकेगा। DPR के अनुसार, तीन कोच वाली एक ट्रेन में 757 से 978 यात्रियों के सफर की क्षमता होगी। छह कोच वाली ट्रेन में 1576 से 2040 लोग यात्रा कर सकेंगे।

तय समय में परिचालन शुरू करने का प्रयास

रोलिंग स्टॉक को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। प्रत्येक कोच की लंबाई 19.9 मीटर और चौड़ाई 2.8 मीटर होगी। कोचों की बॉडी एल्युमिनियम की होगी, जिससे वजन कम रहेगा और ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी। रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे ब्रेक लगाने के दौरान मिली ऊर्जा का दोबारा इस्तेमाल हो सकेगा। GMRL और KFW के बीच फंडिंग संबंधी बात पूरी होने के बाद रोलिंग स्टॉक खरीद प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। जीएमआरएल की ओर से ट्रेन को निर्धारित समय सीमा में पहले फेज का परिचालन शुरू करने को लेकर कोशिश की जा रही है।

पूरी प्रक्रिया में अभी समय लगेगा

जानकारी के अनुसार, पूरी प्रक्रिया में अभी समय लगेगा, क्योंकि दोनों देशों की ओर से वित्तीय समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद ही GMRL टेंडर जारी करेगी। BEML सहित अन्य कंपनियों के साथ प्री-बिड मीटिंग भी की जा चुकी है।