Encroachment On Footpaths In Noida Pedestrians Troubled From Sector 71 To 37
सेक्टर-71 से 37 तक दुकानों और पार्किंग ने घेर लिया रास्ता
नवभारतटाइम्स.कॉम•
अम्बरीश त्रिपाठी, नोएडा
शहर में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए फुटपाथों पर पैदल चलना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। 'कहां गए फुटपाथ' सीरीज के तहत इस बार सेक्टर-71 से सेक्टर-37 तक का जायजा लिया गया। इस पूरे मार्ग पर कई जगह फुटपाथ या तो अतिक्रमण की चपेट में हैं या फिर खुद सरकारी व्यवस्थाएं ही राहगीरों के लिए बाधा बन गई हैं। NBT की टीम ने पूरे रूट की पड़ताल की तो काफी खामियां नजर आईं। फैंंसी लाइट बन रहीं राह का रोड़ा
सेक्टर-71 से आगे बढ़ते ही नोएडा प्राधिकरण द्वारा हाल ही में लगाई गई फैंसी लाइटों के पोल फुटपाथ के बीचों-बीच खड़े दिखाई दिए, जिससे पैदल यात्रियों का रास्ता संकरा हो गया है। सेक्टर-52 होशियार मार्केट के पास फुटपाथों पर रेहड़ी-पटरी दुकानदारों और बड़े शोरूम संचालकों का कब्जा है। कई दुकानों के विज्ञापन बोर्ड फुटपाथ पर लगाए गए हैं। सेक्टर 52 की तरफ कार बिक्री के बोर्ड लगाकर वाहन बेचे जा रहे हैं, जबकि सड़क किनारे ही गाड़ियों की मरम्मत का काम भी खुलेआम चल रहा है। इसके बावजूद न तो नोएडा प्राधिकरण और न ही पुलिस की कोई प्रभावी कार्रवाई नजर आती है। सेक्टर-37 के सामने बॉटनिकल गार्डन की ओर फुटपाथ पर अवैध दुकानदारों और ऑटो चालकों का कब्जा है। सेक्टर-37 की ओर पीपीपी मॉडल पर बने सार्वजनिक शौचालय के आसपास भी दुकानदारों ने फुटपाथ घेर रखा है। अंडरपास के ऊपर और आसपास रेहड़ी-पटरी वालों के कब्जे से पैदल यात्रियों को सड़क पर चलना पड़ रहा है। सेक्टर-34 मेट्रो स्टेशन के आगे पीपीपी मॉडल पर बने शौचालय ने फुटपाथ का बड़ा हिस्सा घेर लिया है। इससे राहगीरों का रास्ता बाधित हो रहा है और उन्हें तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पर चलने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। सेक्टर-51 होशियारपुर के सामने स्थिति और भी अलग नजर आई। यहां फुटपाथ पर पेड़, फैंसी लाइटें और लंबी कतार में रखे गए गमलों ने पैदल मार्ग को संकरा कर दिया है। गांव के सामने कई दुकानदारों ने फुटपाथ तोड़कर उसे पार्किंग में बदल दिया है। वहीं पिंक थाने के आगे दुकानदारों ने विज्ञापन बोर्ड, पानी की टंकियां और अन्य सामान रखकर फुटपाथ पर कब्जा कर लिया है।
गोल्फ कोर्स मेट्रो स्टेशन के नीचे भी यही हाल
सेक्टर-34 की ओर बढ़ने पर मंडी के आसपास फुटपाथ दुकानदारों के कब्जे में मिले। सेक्टर-35 मोरना बस अड्डे के पास भी यही स्थिति है। सेक्टर-38 गोल्फ कोर्स की ओर अधिकांश हिस्सों में फुटपाथ गायब हैं, जबकि जहां बने हैं वहां वाहनों की पार्किंग होने से उनका उपयोग संभव नहीं है। गोल्फ कोर्स मेट्रो स्टेशन के नीचे भी फुटपाथ बाधित है। सेक्टर-37 अंडरपास के ऊपर रेहड़ी-पटरी दुकानदारों का कब्जा होने से राहगीरों को सड़क पर ट्रैफिक के बीच चलने को मजबूर होना पड़ता है। हालांकि इस पूरे कॉरिडोर में कई हिस्सों में फुटपाथ की संरचना अच्छी है, लेकिन अतिक्रमण, अव्यवस्थित पार्किंग और खराब शहरी प्रबंधन के कारण उनका उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण से फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनाने की मांग की है।