नए में निवेश

नवभारतटाइम्स.कॉम
investing in new mutual funds understanding risks and opportunities
इन दिनों लोग खुद से म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट कर लेते हैं। डिजिटल प्लैटफॉर्म पर इतना डेटा भी उपलब्ध होता है कि वे पहले रिसर्च कर लें। फिर भी बाजार में हाल के बरसों में कई नए खिलाड़ी आए हैं। उनमें कौन अच्छा है, ये कैसे पहचाना जाए? बाजार में उथल-पुथल के दौरान निवेशक आमतौर पर उन ब्रैंड पर भरोसा करना पसंद करते हैं, जिनका ट्रैक रेकॉर्ड पुराना है। वैसे तो हर फंड हाउस कभी न कभी नया ही होता है। फिर भी नए में निवेश करना दोधारी तलवार लगता है।

म्यूचुअल फंड में निवेश हाल के बरसों में बढ़ा है, इसके बावजूद बहुत बड़ी आबादी आज भी इसकी पहुंच से दूर है। फाइनैंस सेक्टर से जुड़ी कई कंपनियां इसमें मौका देख रही हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्केट रेगुलेटर सेबी ने मार्च 2024 से अब तक योजनाएं शुरू करने के लिए 12 फंड हाउसों को अंतिम मंजूरी दे दी है, जिनमें से सात ने पहले ही अपना काम शुरू कर दिया है। इनकी मुश्किल ये है कि इन्वेस्टरों के लिए परफॉर्मेंस का इतिहास बहुत बड़ा फैक्टर होता है। वैसे बार-बार बताई जाती है कि किसी का इतिहास उसके भविष्य की गारंटी नहीं है। फिर भी लोग मानते हैं कि छोटे फंड हाउस के लिए जोखिम बड़े की तुलना में अधिक हो सकते हैं।
म्यूचुअल फंडों में जो पैसा आता है, उसका एक बड़ा हिस्सा डिस्ट्रीब्यूटर्स और बैंकों के जरिए आता है। डिस्ट्रीब्यूटर्स अक्सर वही फंड ज्यादा प्रमोट करते हैं जिन्हें बेचना आसान हो, जिनका ब्रैंड मजबूत हो या जिनके साथ पुराने संबंध हों। नए फंड के लिए इनके प्लैटफॉर्म पर जगह पाना मुश्किल हो जाता है। अगर किसी ने इन्हें चुना भी, तो जमा होने वाली बड़ी रकम अक्सर कम जोखिम वाले फंडों में जाती है। वैसे, मौके तो बहुत हैं। कुछ नए फंड मैनेजर बाजार के उन छोटे या उभरते क्षेत्रों पर पकड़ बना सकते हैं जिन्हें बड़े फंड हाउस नजरअंदाज कर देते हैं। चूंकि नए को खुद को साबित करना होता है, इसलिए वे बेहतर सेवा देने की कोशिश कर सकते हैं। हाल में नियमों में बदलाव किए गए हैं, इससे धीरे-धीरे छोटे खिलाड़ियों को भी मुकाबला करने का मौका मिल सकता है।

नए फंड हाउस को चुनने से पहले कुछ बातों को देखा जाना चाहिए। क्या वह सच में खास या अलग फंड ला रहा है, जो बड़े खिलाड़ियों के पास नहीं है। केवल ब्रैंड का नाम काफी नहीं है। फंड मैनेजर की विशेषज्ञता और निवेश की प्रक्रिया को भी देखना होगा। सबसे बड़ी बात कि आपका निवेश खुद आपके जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर है। हर निवेश आपके अपने लक्ष्यों के मुताबिक होना चाहिए।