साथियों पर लाठीचार्ज और जेल भेजने का विरोध, स्टाफ ड्यूटी पर नहीं लौटा

नवभारतटाइम्स.कॉम
protest by staff after chaos in gims angry over lathi charge and jail employees not returning to duty
n NBT न्यूज, ग्रेटर नोएडा

कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में नियमित करने की मांग को लेकर बुधवार रात हुए बवाल के बाद स्टाफ पर लाठीचार्ज और जेल भेजने जाने का अन्य स्टाफ ने कड़ा विरोध किया। पुलिस की निगरानी में ओपीडी और अन्य सेवाएं संचालित की गई है। अस्पताल के मुख्य गेट और वॉर्ड के आसपास पुलिस का पहरा दिखाई दिया। अस्पताल प्रबंधन की अपील के बाद भी धरने पर नियमित करने की मांग को लेकर बैठा आउटसोर्स कर्मचारी काम पर नहीं आए है।
जिम्स के कर्मचारी राकेश ने बताया कि नियमित करने की मांग को लेकर आउटसोर्स कर्मचारियों का धरना शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था,सभी को प्लानिंग के तहत जबरन उठाया गया है। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी, हम लोग काम पर नहीं लौटेंगे। उन्होंने बताया कि धरना खत्म करने के बाद हॉस्टल में आकर भी प्रबंधन हम लोगों से काम पर बुलाने के लिए फोन और अन्य माध्यम से संपर्क कर रहे है,लेकिन सभी ने इनकार किया है।

सर्जरी अब भी बंद,बढ़ी दिक्कत

अस्पताल में 15 जून से स्टाफ के धरने के बाद से सर्जरी सेवाएं बंद पड़ी है, शुक्रवार को भी सर्जरी नहीं हो सकी है। ऐसे में मरीजों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रबंधन के अनुसार रोजाना 50 सर्जरी हो रही थी,लेकिन स्टाफ के न होने के कारण दिक्क्त्त बढ़ी है। स्टाफ के न होने के कारण सर्जरी सुविधाएं पूरी तरह से ठप है।

सुविधाएं ठीक की जा रही

संस्थान के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ आरके गुप्ता ने बताया कि मुहर्रम की छुट्टी के बाद भी शुक्रवार को ओपीडी व सभी चिकित्सा सुविधाएं संचालित हुई। इस दौरान 366 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। साथ ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित 22 मरीज को आईसीयू में भर्ती किए। 26 एडमिशन हुए है। अस्पताल में पूरी तरह से शांति बनी हुई है। धरना देने वाले स्टाफ ड्यूटी पर अभी नहीं आया है,प्रबंधन सभी से बात करके ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए अपील की है।