कृषि क्षेत्र में 7,870.32 करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया। किसानों को केवल दस पैसे प्रति यूनिट का भुगतान करना होगा, जबकि वास्तविक लागत 7.48 रुपये प्रति यूनिट है। किसानों को दस पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिल देना होगा। प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा शुल्क और फिक्स्ड चार्ज पर 5त्न की छूट मिलेगी। 31 दिसंबर 2023 तक 10 बीएचपी तक के ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले किसानों को बिना वरिष्ठता प्रभावित किए अपने लोड में वृद्धि करने की अनुमति दी गई है। यह सुविधा 31 मई 2026 तक एकमुश्त अवसर के रूप में उपलब्ध रहेगी। हालांकि, जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही सोलर ट्यूबवेल कनेक्शन ले लिया है, वे इसके पात्र नहीं होंगे।। 8 जनवरी को पंचकूला स्थित एचईआरसी कोर्ट रूम में जनसुनवाई आयोजित की गई, इसके बाद गुरुग्राम, पानीपत, हिसार और यमुनानगर में फील्ड हियरिंग्स की गईजहां उपभोक्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए गए थे।आयोग ने बिजली क्षेत्र में सुधार के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं। हरियाणा पावर परचेज सेंटर (HPPC) के पुनर्गठन पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि बिजली खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और किफायती बन सके।



