चार्ल्स डिकेंस (1812–1870) विक्टोरियन युग के महान उपन्यासकार और संवेदनशील सामाजिक आलोचक थे। उनका बचपन कठिनाइयों से भरा रहा। पिता के जेल जाने के बाद उन्हें कम उम्र में ही फैक्ट्री में काम करना पड़ा। यही अनुभव आगे चलकर उनकी रचनाओं का आधार बना। सन 1865 में Staplehurst Rail Crash के दौरान वह उसी ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। पुल की मरम्मत के कारण पटरी टूटी हुई थी और तेज रफ्तार ट्रेन हादसे का शिकार हो गई। चारों ओर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। ऐसी भयावह स्थिति में भी चार्ल्स ने घबराने के बजाय साहस दिखाया। वह घायलों की मदद में जुट गए- पानी पिलाया, दिलासा दिया और राहत कार्य शुरू होने तक वहीं डटे रहे। इस घटना की एक खास बात यह भी थी कि वह अपने साथ उपन्यास Our Mutual Friend की पांडुलिपि लेकर चल रहे थे, जो उनके कोट की जेब में रखी हुई थी। इस भयावह स्थिति में भी वह वापस डब्बे में गए और उस पांडुलिपी को सुरक्षित निकाल लाए। यह हादसा उनके मन पर गहरा असर छोड़ गया। उनका विश्वास था, ‘मुश्किलें हमें रोकने नहीं, मजबूत बनाने के लिए आती हैं।’



