Goldman Sachs ने क्यों घटाया निफ्टी का टारगेट?

नवभारत टाइम्स

गोल्डमैन सैक्स ने भारतीय शेयर बाजार की रेटिंग घटाई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से कंपनियों के मुनाफे में कमी आने की आशंका है। इसलिए, निफ्टी का लक्ष्य 29,300 से घटाकर 25,900 कर दिया गया है। अगले 12 महीनों में शेयर बाजार से 12-13% रिटर्न की उम्मीद है।

goldman sachs cuts nifty target warns of profit impact due to crude oil price surge

NBT रिपोर्ट : दुनिया की दिग्गज ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने भारतीय बाजार की रेटिंग घटाकर 'मार्केटवेट' (औसत) कर दी है। इसके साथ ही निफ्टी के टारगेट में भी कटौती की है। गोल्डमैन ने चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल (की वजह से कंपनियों के मुनाफे में कमी आने का दौर शुरू होने वाला है। बैंक का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। इससे भारत के आर्थिक हालात बिगड़े हैं। आने वाली कुछ तिमाहियों में कंपनियों के मुनाफे का अनुमान कम करना पड़ेगा।

ET के मुताबिक, बैंक ने अगले 12 महीनों (मार्च 2027) के लिए निफ्टी का लक्ष्य 29,300 से घटाकर 25,900 कर दिया है। इसका मतलब है कि अगले एक साल में भारतीय शेयरों से करीब 12-13% रिटर्न मिलने की उम्मीद है। यह बाकी एशियाई बाजारों (जापान को छोड़कर) के लिए अनुमानित 19% से कम है।

इससे पहले इसी हफ्ते Bernstein ने भी निफ्टी के साल के अंत का लक्ष्य घटाकर 26,000 कर दिया था। उसने चेतावनी दी थी कि अगर हालात बहुत खराब हुए तो निफ्टी 19,000 के स्तर तक भी गिर सकता है।

गोल्डमैन का कहना है कि अगले 3 से 6 महीनों में बाजार में गिरावट का खतरा ज्यादा है। शायद अभी बाजार कंपनियों के मुनाफे में होने वाली बड़ी कटौती को भांप नहीं पा रहा है।