26 मार्च का संपादकीय 'शांति की शर्त' पढ़ा। अमेरिका और ईरान में अगर युद्धविराम की चर्चा शुरू हुई है, तो यह पूरी दुनिया के लिए अच्छी खबर है। हालांकि दोनों देशों की जिद और भरोसे की कमी शांति प्रक्रिया में बड़ी बाधा बन रही है। अमेरिका ने 15 बिंदुओं का प्रस्ताव भेजा है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक और होर्मुज स्ट्रेट खुला रखने की शर्तें हैं। ईरान ने भी दोबारा हमला नहीं होने की गारंटी मांगी है। शांति तभी संभव है, जब दोनों पक्ष व्यावहारिक रुख अपनाएं और एक-दूसरे पर भरोसा करें। केवल बातचीत और सहयोग से ही पश्चिम एशिया में स्थायी शांति कायम हो सकती है।
राकेश थपलियाल, ईमेल से



