चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने NBT से कहा, ' सेंसेक्स अपने शिखर से करीब 13% नीचे है। टेक्निकली यह करेक्शन फेज में आ चुका है। यह वैश्विक स्तर पर रिस्क से बचने के रुझान, कच्चा तेल के ज्यादा दाम और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का असर है।' वहीं, वेंचुरा के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर ने NBT से कहा, 'सेंसेक्स 85978 के अपने ऑल-टाइम पीक से 12-13% नीचे आ चुका है। इसे टेक्स्ट बुक करेक्शन कह सकते हैं। मंदी वाला बाजार नहीं कह सकते।'



