एक बार इंप्लांट और 5 साल तक के लिए प्रेग्नेंसी से छुट्टी !

नवभारतटाइम्स.कॉम

दिल्ली में सब-डर्मल इंप्लांट का चलन बढ़ा है। यह गर्भनिरोधक तरीका महिलाओं को पांच से छह साल तक अनचाहे गर्भ से बचाता है। दो साल में इसके इस्तेमाल में तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है। यह आधुनिक मेडिकल सुविधाओं पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। यह एक हार्मोनल गर्भनिरोधक है जो लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान करता है।

sub dermal implant 5 years leave from pregnancy trend increased in delhi

n नई दिल्ली: राजधानी में गर्भनिरोधक के पारंपरिक तरीकों के बीच अब ' सब-डर्मल इंप्लांट ' तेजी से अपनी जगह बना रहा है। दिल्ली आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़े बता रहे हैं कि महज दो साल के अंदर इस आधुनिक तरीके को अपनाने वालों की संख्या में तीन गुना से अधिक का उछाल आया है। इसकी सबसे बड़ी वजह इसका 'लॉन्ग टर्म प्रोटेक्शन' है। एक बार इंप्लांट लगवाने के बाद महिलाएं पांच से छह साल तक अनचाहे गर्भ से बेफिक्र हो जाती हैं। जहां 2023-24 में इसकी शुरुआत मात्र 558 मामलों से हुई थी, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 1810 तक पहुंच गया है, जो बदलती पसंद और आधुनिक मेडिकल सुविधाओं के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

कब हुई इसकी शुरुआत? : दरअसल 'सब-डर्मल इंप्लांट' के लिए इंजेक्शन Medroxyprogesterone Acetate (MPA) लगाया जाता है। इसके इस्तेमाल की शुरुआत 2017-18 में हुई थी, यह एक हार्मोनल गर्भनिरोधक इंजेक्शन है, जो मांसपेशी में लगाया जाता है। यह शरीर में प्रोजेस्टिन हार्मोन देता है, जिससे अंडा निकलना बंद हो जाता है और गर्भाशय का म्यूकस गाढ़ा होने लगता है, जिससे प्रेग्नेंसी नहीं होती है। लेकिन इसमें बड़ी दिक्कत यह है लगभग तीन महीने में यह इंजेक्शन लेना पड़ता है।

इस बारे में महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शीतल अग्रवाल का कहना है कि इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह 5 से 6 साल का लंबा प्रोटेक्शन देता है।