जंग के बीच मंदी के दौर में पहुंचा बाज़ार?

Contributed byनई दिल्ली,Akhilesh.Singh1|नवभारतटाइम्स.कॉम

पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण शेयर बाज़ार में भारी गिरावट आई है। सेंसेक्स अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ गया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और महंगाई का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका और डॉलर का मजबूत होना भी बाज़ार को प्रभावित कर रहा है।

जंग के बीच मंदी के दौर में पहुंचा बाज़ार?

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद गिरावट के रेकॉर्ड बनाने के साथ शेयर बाजार ओवरऑल 7% से ज्यादा फिसल चुका है। अपने ऑल टाइम हाई लेवल से सेंसेक्स 12% से ज्यादा नीचे है। युद्ध के चलते कच्चे तेल में गरमी, महंगाई बढ़ने के रिस्क के बीच अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ सकने की तस्वीर और मजबूत हो रहे डॉलर के बीच बाजार में आगे क्या होने वाला है, यह सवाल उठ रहा है। क्या मार्केट मंदी के दौर में जा चुका है? निवेशकों को ऐसे में क्या करना चाहिए?

युद्ध का कैसा असर?


जंग के बीच मंदी के दौर में पहुंचा बाज़ार?

एमके ग्लोबल फाइनैंशल सर्विसेज ने एक रिपोर्ट में कहा है, 'एनर्जी सप्लाई में दिक्कतों को देखते हुए वित्त वर्ष 2027 में GDP ग्रोथ 0.4 पर्सेंटेज पॉइंट्स घटकर 6.6% पर आ सकती है। महंगाई दर 4.3% पर जा सकती है। अगर कच्चा तेल 100 डॉलर/बैरल के ऊपर बना रहा, तो करंट अकाउंट डेफिसिट GDP के 2.5% से भी ऊपर जा सकता है।‘