-यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद बदले हालात, नोएडा एयरपोर्ट ने बदली सूरत
-जेवर एरिया की सड़कें, गगनचुंबी इमारतों व महंगी गाड़ियों की मौजूदगी बता रही नया दौर
Sunil.Pandey2@Timesofindia.com
ग्रेटर नोएडा : नोएडा इंटरनैशनल एयरपोर्ट के निर्माण ने जेवर और आसपास के एरिया की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। कभी बैलगाड़ी और कच्चे रास्तों के लिए पहचाने जाने वाले यह इलाका अब हवाई यात्रा के युग में कदम रखने जा रहा है। जहां पहले ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधन नजर आते थे। वहीं, आज यहां चौड़ी सड़कों, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, गगनचुंबी इमारतों और महंगी गाड़ियों की मौजूदगी एक नए दौर की कहानी बयां कर रही है।
यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण से पहले जेवर एरिया में पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं था। इस एरिया के बदलाव की शुरुआत यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ ही हो गई थी। एक्सप्रेसवे ने दिल्ली, नोएडा और आगरा के बीच तेज और सुगम आवाजाही सुनिश्चित की। इससे जेवर एरिया निवेशकों की नजर में आने लगा। यह एरिया ही नहीं बल्कि यमुना अथॉरिटी भी अपने अस्तित्व के लिए लड़ने लगी थी। अथॉरिटी के साथ इस एरिया को असली रफ्तार तब मिली, जब नोएडा एयरपोर्ट की घोषणा हुई। इसके बाद से जमीन की कीमतों में उछाल आया। कभी इस एरिया में लोग जमीन खरीदने से कतराते थे, लेकिन अचानक दाम कई गुना बढ़ गए। यमुना अथॉरिटी के दिन भी बहुरे। बड़े बिल्डर्स ने यहां प्रॉजेक्ट शुरू किए। औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ने लगीं। आज जेवर और इसके आसपास के इलाकों में बड़े-बड़े रियल एस्टेट प्रॉजेक्ट विकसित हो रहे हैं। मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट व टाउनशिप तेजी से आकार ले रहे हैं।
‘मजबूत रियल एस्टेट हब बनेगा जेवर क्षेत्र’
मिगसन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी का कहना है कि यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ग्रोथ अब तक एयरपोर्ट की उम्मीदों पर टिकी थी। एयरपोर्ट बनने के साथ एंड-यूजर्स की वास्तविक मांग तेजी से बढ़ेगी। इससे बाजार को स्थिरता मिलेगी और क्षेत्र एक मजबूत रियल एस्टेट हब बनेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देगा। इससे रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे और छोटे-बड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, आसपास के शहरों और गांवों का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा। पहले जहां लोग खेती-किसानी पर निर्भर थे, वहीं अब नई पीढ़ी रोजगार और व्यवसाय के नए अवसरों की ओर बढ़ रही है। स्थानीय लोगों की जीवनशैली में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुआवजा मिलने के बाद लोगों का जीवन स्तर सुधरा है। जहां कभी दोपहिया वाहन नहीं दिखते थे, अब वहां बड़े ब्रांड कारें नजर आती हैं। कुल मिलाकर जेवर एरिया का सफर बैलगाड़ी से हवाई जहाज तक का प्रतीक बन गया है। यह एरिया हवाई सफर के लिए शनिवार को इतिहास लिखेगा।
‘अपैरल पार्क में महिलाओं को मिलेगी सबसे अधिक जॉब’
एयरपोर्ट के निर्माण से न केवल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि यह एरिया इंटरनैशनल स्तर पर भी पहचान बनाएगा। इससे पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, होटल इंडस्ट्री और अन्य सेवाओं में भारी निवेश की संभावना है। यहां फॉर्च्यून 500 औद्योगिक कंपनियां आ गई हैं। विदेशी कंपनियों ने यहां निवेश किया है। सरकार और यमुना अथॉरिटी भी इस क्षेत्र को एक बड़े आर्थिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। आसपास वेयरहाउसिंग, डेटा सेंटर और औद्योगिक पार्कों की योजनाएं भी आकार ले रही हैं, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी। यमुना अथॉरिटी के सीईओ आरके सिंह कहते हैं कि यमुना सिटी एरिया की देश में अलग पहचान होगी। नोएडा एयरपोर्ट ने पूरी तस्वीर बदल दी है। यहां निवेश के साथ-साथ रोजगार मिलेगा। अपैरल पार्क में सबसे अधिक जॉब महिलाओं को मिलेगी।



