ग्रामीण क्षेत्र के छोटे दुकानदारों को मिलेगा घरेलू टैरिफ!

नवभारतटाइम्स.कॉम

ग्रामीण छोटे दुकानदारों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें वाणिज्यिक दरों के बजाय घरेलू दरों पर बिजली मिल सकती है। यह सुविधा 2 किलोवाट लोड और 200 यूनिट मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं को मिलेगी। इससे करीब 20 लाख उपभोक्ताओं को फायदा होगा। यह कदम छोटे व्यवसायों को बड़ी राहत देगा। नियामक आयोग के फैसले का इंतजार है।

rural small shopkeepers to get domestic electricity rates lakhs to benefit

n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे दुकानदारों को नई बिजली दरों में बड़ी राहत मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार, जो उपभोक्ता 2 किलोवाट तक लोड और 200 यूनिट तक मासिक खपत रखते हैं, उन्हें कुछ शर्तों के साथ घरेलू श्रेणी में शामिल किया जा सकता है। ऐसा होने पर उन्हें वाणिज्यिक दरों के बजाय घरेलू दरों पर बिजली बिल देना होगा, जिससे खर्च काफी कम हो जाएगा। अनुमान है कि करीब 20 लाख उपभोक्ता इस दायरे में आ सकते हैं।

ग्रामीण इलाकों में लोग घर से ही सिलाई, किराना, मोबाइल रिपेयरिंग जैसे छोटे व्यवसाय चलाते हैं। कई मामलों में बिजली विभाग ऐसे कनेक्शनों को आवासीय से वाणिज्यिक श्रेणी में बदल देता है। कुछ जगह घरेलू कनेक्शन पर बिजली उपयोग करने पर बिजली चोरी के मुकदमे तक दर्ज किए गए हैं। इस कारण छोटे दुकानदारों को राहत देने की मांग लंबे समय से उठती रही है। यह मुद्दा पहली बार 2019 में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग के सामने रखा था।

परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के अनुसार, ऐसे उपभोक्ताओं पर कठोर राजस्व भार न डालने की मांग की गई थी। पावर कॉरपोरेशन ने भी सुझाव दिया था कि तय सीमा वाले ग्रामीण उपभोक्ताओं को घरेलू श्रेणी में रखा जा सकता है। अब आयोग के फैसले पर नजर है।