अस्पतालों में उल्टी-दस्त के 30 फीसदी मरीज़ बढ़े

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गाजियाबाद के अस्पतालों में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या 30 प्रतिशत बढ़ गई है। मौसम में लगातार बदलाव, गलत खानपान और अनियमित दिनचर्या इसके मुख्य कारण हैं। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। शाम तक बेड फुल हो जाते हैं। डॉक्टरों को स्ट्रेचर पर ड्रिप लगानी पड़ रही है।

30 increase in vomiting and diarrhea patients in ghaziabad hospitals full

n NBT न्यूज, गाजियाबाद

मौसम हो रहे लगातार बदलाव, अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान से लोगों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत बढ़ गई है। जिले के सरकारी अस्पताल में ऐसे में 30 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। दोनों बड़े अस्पतालों की फिजिशियन ओपीडी में डायरिया के मरीजों की संख्या पहले 200 थी, जो बीते चार दिन से बढ़कर 250 से 275 पहुंच चुकी है। अस्पताल में शाम होते-होते सभी बेड फुल हो जाते हैं। इसके कारण डॉक्टरों को मजबूरन स्ट्रेचर पर ड्रिप लगानी पड़ रही है। इमरजेंसी से रेफर करने के बाद मरीज को बेड पर शिफ्ट किया जा रहा है। कई बार मजबूरन एक बेड पर दो मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है।

सीएमएस डॉक्टर राकेश कुमार ने बताया कि गर्मी में बाहर का खुला और अस्वच्छ खाना खाने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायतें बढ़ रही हैं। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी होने से भी लोगों की तबीयत खराब हो रही है। बच्चों और बुजुर्गों में इसका असर अधिक देखने को मिल रहा है। डॉक्टर संतराम का कहना है कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, खासकर दोपहर के समय। अस्पतालों में जरूरी दवाओं और ORS की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उल्टी-दस्त या पेट दर्द की समस्या ज्यादा बढ़े तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। जनरल फिजिशियन आलोक रंजन ने बताया कि अधिकतर मरीज डिहाइड्रेशन, फूड प्वाइजनिंग और हीट वेव के असर से पीड़ित हैं।