कहीं गिरे ओले तो कहीं आंधी

नवभारतटाइम्स.कॉम

दिल्ली में आंधी और ओलावृष्टि से मौसम सुहावना हो गया। कई इलाकों में बड़े ओले गिरे और हवा की गति तेज रही। तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अगले कुछ दिनों में बारिश और आंधी की संभावना है। इससे मई के पहले हफ्ते में तापमान 40 डिग्री से ऊपर नहीं जाएगा। 6 मई को मौसम साफ होने की उम्मीद है।

कहीं गिरे ओले तो कहीं आंधी

n NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली

आंधी और ओले गिरने से शाम सुहानी तो हुई मगर इन सब के बावजूद राजधानी का अधिकतम तापमान 40 के आसपास रहा। अब 3 से 5 मई तक बारिश की और संभावना है। इस दौरान आंधी भी आएगी। इसकी वजह से मई के पहले हफ्ते में भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर नहीं जाएगा।


कहीं गिरे ओले तो कहीं आंधी

पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा, मौजपुर, घोंडा, उस्मानपुर, शास्त्री नगर, सिलमपुर, शहादरा और वेलकम में ओले गिरे। करीब दस से पंद्रह मिनट तक ओलावृष्टि हुई। इस दौरान काफी बड़े-बड़े ओले गिरे। एनसीआर में गाजियाबाद, इंद्रापुरम, नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद में भी कुछ जगह ओले गिरने की सूचना मिली।

आंधी के दौरान विभिन्न जगहों पर हवाओं की स्पीड 28 से 52 किलोमीटर प्रति घंटे की रही। वहीं तापमान में आंधी के बाद 8.1 डिग्री से 17.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान मयूर विहार में 5.5 एमएम, नोएडा में 8.5 एमएम, हिंडन में 10.5 एमएम बारिश हुई।

अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री रहा। यह सामान्य से 0.9 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री रहा। यह सामान्य से 1.6 डिग्री कम रहा। एक मई को अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रह सकता है। आंशिक बादल छाए रहेंगे। 2 मई को तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रह सकता है। वहीं 3 से 5 मई तक अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री रह सकता है। वहीं 6 मई को मौसम साफ हो जाएगा। अधिकतम तापमान 37 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री तक रह सकता है।

स्काईमेट के अनुसार, इस समय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण पाकिस्तान और कश्मीर क्षेत्र के ऊपरी हवा में चक्रवाती दबाव बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण पंजाब और उत्तर राजस्थान पर भी एक सिस्टम बना हुआ है। एक मई को यह ट्रफ दिल्ली के उत्तर की ओर खिसक जाएगी। इसमें मौसम गतिविधियां कुछ समय के लिए कमजोर पड़ जाएंगी। 2 मई से एक और नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने वाला है। इस सिस्टम के मुकाबले यह अधिक सक्रिय होगा। इससे मौसम की गतिविधियों का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ेंगे। 4 से 6 मई के बीच प्री मॉनसून गतिविधियों का चरम देखने को मिलेगा।