NBT रिपोर्ट, लखनऊ : LDA में फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले में निलंबित कनिष्ठ लिपिक धीरज कुमार श्रीवास्तव को गुरुवार को बर्खास्त कर दिया गया। धीरज पर अपनी आधिकारिक यूजर आईडी का प्रयोग कर एक भूखंड को फर्जी तरीके से प्राधिकरण के पोर्टल पर चढ़ाने और मूल पत्रावली को गायब करने का आरोप है। इस मामले की करीब तीन साल से जांच चल रही थी और गोमती नगर थाने में मुकदमा भी दर्ज करवाया गया था।
गोमती नगर योजना के विनम्र खंड स्थित संपत्ति संख्या 3/222-ए को प्राधिकरण के पोर्टल पर दर्ज किया गया था। इस मामले की शिकायत कर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया। शिकायत के बाद प्रारंभिक जांच में ही अनियमितता सामने आने पर यूजर आईडी की जांच करवाई गई। इसमें पता चला कि यह एंट्री यूजर आईडी कोड-3014 से की गई थी, जो धीरज के नाम पर जारी थी। धीरज पर प्रियदर्शिनी योजना के भवन संख्या 1/67 के फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर फर्जी निबंधन करवाने का भी आरोप है। यही नहीं, अपने परिवारीजनों को भूखंडों का फर्जी तरीके से आवंटन करने की भी शिकायतें हैं।





