गर्मी का असर, इमरजेंसी में भी जगह नहीं

नवभारतटाइम्स.कॉम

गुड़गांव में भीषण गर्मी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी पड़ रही है। सिविल अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ है। जगह की कमी से एक बेड पर दो मरीजों का इलाज हो रहा है। डायरिया के साथ डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और बेहोशी के मामले बढ़े हैं। बच्चे, युवा, बुजुर्ग सभी प्रभावित हैं।

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n NBT न्यूज, गुड़गांव

शहर में पड़ रही भीषण गर्मी अब स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी पड़ने लगी है। सेक्टर-10 स्थित सिविल अस्पताल में हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। ओपीडी बंद होते ही इमरजेंसी वॉर्ड में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्थिति यह है कि जगह की कमी के चलते एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को लेटाकर इलाज किया जा रहा है।

अस्पताल की ओपीडी में रोजाना मरीजों की संख्या 3000 के पार पहुंच चुकी है। डॉक्टरों के अनुसार, डायरिया तो पहले से ही चल रहा था, लेकिन पिछले कुछ दिनों में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और बेहोशी के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। इमरजेंसी में लगातार ऐसे मरीज लाए जा रहे हैं, जो तेज धूप और गर्म हवाओं की चपेट में आकर बेसुध हो रहे हैं। बेड पर मरीजों को देखें तो गर्मी का असर सिर्फ किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चे, युवा और बुजुर्ग हर उम्र वर्ग के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं।

हालांकि सड़क पर काम करने वाले मजदूर, रिक्शा चालक, दिहाड़ी श्रमिक और खुले में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन अब ऑफिस जाने वाले और घरों में रहने वाले लोग भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। पीएमओ डॉ. नीना ने बताया कि गर्मी के कारण खासकर वे लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं जो लंबे समय तक धूप में रहते हैं लेकिन अब हर उम्र वर्ग के मरीज सामने आ रहे हैं। हमारी कोशिश है कि सभी को समय पर इलाज मिले। डॉक्टर्स को भी निर्देशित किया गया है। इमरजेंसी में व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि गंभीर मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके। अस्पताल प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की कमजोरी, चक्कर या बेहोशी की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचें जिससे समय रहते उपचार मिल सके और गंभीर स्थिति से बचा जा सके।