एग्रीकल्चर जोन के लिए नए प्रावधान

नवभारतटाइम्स.कॉम

एग्रीकल्चर जोन में उद्योग लगाने के नियम बदले हैं। अब शहरी सीमा से बाहर एग्रीकल्चर जोन में औद्योगिक लाइसेंस लेने पर सड़क, बिजली, पानी जैसे बुनियादी ढांचे का खर्च डेवलपर को उठाना होगा। इससे सरकार पर वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। यह बदलाव निवेश को बढ़ावा देगा और उद्योगों के लिए प्रक्रियाएं आसान बनाएगा।

new rules for industries in agriculture zone developers to bear infrastructure costs

पॉलिसी में कृषि क्षेत्र (एग्रीकल्चर जोन) के लिए नियमों को अधिक पारदर्शी बनाया गया है। यदि कोई औद्योगिक लाइसेंस शहरी सीमा से 500 मीटर की दूरी के बाहर एग्रीकल्चर जोन में लिया जाता है, तो वहां सड़क, बिजली और पानी जैसे आवश्यक बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की व्यवस्था करने की पूरी लागत संबंधित डेवलपर या निवेशक को ही वहन करनी होगी। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले बिना निजी भागीदारी से औद्योगिक विकास सुनिश्चित करना है।सरकार का मकसद है कि उद्योग लगाने या बिजनेस शुरू करने में लोगों को कम दिक्कत हो, कम कागजी कार्रवाई करनी पड़े और मंजूरी जल्दी मिले। इस नए बदलाव के बाद अब कई मामलों में लंबी अनुमति प्रक्रिया कम होगी। ऑनलाइन सिस्टम से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी।

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि यह फैसला राज्य में निवेश को आकर्षित करने और उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे कारोबारियों को सुविधा होगाा और क्षेत्र का विकास सुनिश्चित होगा।