प्लूटो पर नई बहस

Contributed byदिलीप लाल|नवभारतटाइम्स.कॉम

प्लूटो को फिर से ग्रह बनाने की मांग जोर पकड़ रही है। नासा प्रमुख के बयान से वैज्ञानिकों में नई बहस छिड़ गई है। कुछ वैज्ञानिक प्लूटो को ग्रह का दर्जा देने के पक्ष में हैं। वहीं कुछ का मानना है कि यह जल्दबाजी में लिया गया फैसला था। इस पर अंतरराष्ट्रीय सहमति से ही निर्णय होगा।

will pluto get planet status again new debate ignited by nasa chiefs statement

प्लूटो को फिर से ग्रह बनाने की बहस तेज हो गई है। हाल ही में NASA के प्रमुख Jared Isaacman ने संकेत दिया कि प्लूटो की स्थिति पर दोबारा विचार किया जा सकता है। उनके इस बयान ने वैज्ञानिकों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है। कुछ इसके पक्ष में हैं, तो कुछ इसका विरोध कर रहे हैं। एक समय था जब हम सौरमंडल में नौ ग्रह पढ़ते थे, लेकिन 2006 में International Astronomical Union ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए प्लूटो को ‘बौना ग्रह’ घोषित कर दिया। इसके पीछे कारण यह था कि प्लूटो अपने ऑरबिट के आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह साफ नहीं कर पाया है, जबकि ग्रह होने के लिए यह एक जरूरी शर्त मानी गई। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर प्लूटो को फिर से ग्रह का दर्जा दिया जाता है, तो एरिस जैसे कई अन्य पिंड भी इसी श्रेणी में आ जाएंगे। अनुमान है कि सौरमंडल में ऐसे सैकड़ों या हजारों पिंड हो सकते हैं, जिससे ग्रहों की संख्या बहुत बढ़ सकती है। दूसरी ओर, कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि प्लूटो को हटाना जल्दबाजी का फैसला था और इसकी परिभाषा पर फिर से विचार होना चाहिए। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि इस तरह का निर्णय किसी एक देश या संस्था का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहमति से ही लिया जा सकता है। प्लूटो चाहे ग्रह हो या बौना ग्रह, उसकी महत्ता कम नहीं होती। यह हमारे सौरमंडल का एक रहस्यमय और आकर्षक हिस्सा है।