n NBT न्यूज, गुड़गांव
विश्व मजदूर दिवस पर शुक्रवार को जिले के कमला नेहरू पार्क में मजदूरों की बड़ी एकजुटता देखने को मिली। शहर और औद्योगिक क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों श्रमिकों ने अपने अधिकारों की लड़ाई को और तेज करने का ऐलान किया। इस दौरान सभी संगठनों ने एकजुटता का संदेश देते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सिविल लाइन स्थित नगर निगम कार्यालय से सफाई कर्मी और फायर कर्मी रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए कमला नेहरू पार्क पहुंचे। इस दौरान महिला श्रमिकों की बड़ी भागीदारी रही, जिसने आंदोलन को मजबूत स्वर दिया। कार्यक्रम में एटक, इंटक, सीटू, एआईयूटीयूसी, हिंद मजदूर सभा, आशा वर्कर यूनियन, आंगनबाड़ी वर्कर, मिड-डे मील वर्कर, औद्योगिक मजदूर संगठन, भवन निर्माण कारीगर, सफाई कर्मचारी संगठन, संयुक्त किसान मोर्चा, हरियाणा महिला सभा और जनवादी महिला समिति समेत करीब 35 संगठनों ने भाग लिया। वक्ताओं ने मजदूर दिवस को मजदूरों के संघर्ष और अधिकारों की विरासत का प्रतीक बताते हुए कहा कि 1886 में शिकागो के मजदूरों की ओर से लड़ी गई आठ घंटे कार्यदिवस की ऐतिहासिक लड़ाई आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में मजदूर वर्ग महंगाई, बेरोजगारी, ठेका प्रथा, निजीकरण और श्रम कानूनों में बदलाव जैसे कई दबावों से जूझ रहा है।
मेहनतकश जनता पर महंगाई और बेरोजगारी का दोहरा बोझ डाला जा रहा है, जबकि कॉरपोरेट घरानों को राहत दी जा रही है। श्रम कानूनों को कमजोर करने और मजदूरों की आवाज दबाने के प्रयासों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि संगठित शक्ति ही शोषण का सबसे प्रभावी जवाब है और आंदोलन किसी भी सूरत में थमने वाला नहीं है। कार्यक्रम के दौरान कमला नेहरू पार्क और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। महिला और पुरुष पुलिसकर्मी हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए थे। इस मौके पर हिंद मजदूर सभा के एसडी त्यागी, सीटू के प्रदेश महासचिव जय भगवान, एसएन दहिया, सुरेश नोहरा, जोगेंद्र करोथा, ऊषा सरोहा, श्रवण कुमार, बलवान सिंह दहिया, राजेश शर्मा, सुशील कुमार, बसंत प्रधान आदि मौजूद रहे।

