दाम रहेंगे काबू में, सरकार का चीनी निर्यात पर रोक

नवभारत टाइम्स

सरकार ने देश में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को स्थिर रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 30 सितंबर तक चीनी निर्यात पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस फैसले से चीनी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। हालांकि, यूरोपियन यूनियन और अमेरिका को होने वाले निर्यात पर इसका असर नहीं पड़ेगा।

दाम रहेंगे काबू में, सरकार का चीनी निर्यात पर रोक
(फोटो- नवभारत टाइम्स)

NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली : सरकार ने इस साल 30 सितंबर तक चीनी निर्यात पर रोक लगा दी है। देश में चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कीमतों पर काबू पाने के इरादे से यह कदम उठाया गया है। सरकार के इस आदेश के बाद चीनी कंपनियों के शेयरों में 7% तक की गिरावट रही।

इस बारे में जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, रॉ, वाइट और रिफाइंड शुगर के एक्सपोर्ट को सीमित से प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया गया और यह आदेश 30 सितंबर तक लागू रहेगा। अभी चीनी निर्यात सीमित तरीके से हो रहा था, जिसमें लाइसेंस की जरूरत थी। निर्यात पर रोक का आदेश यूरोपियन यूनियन और अमेरिका को टैरिफ रेट कोटा की व्यवस्था के तहत होने वाले एक्सपोर्ट पर लागू नहीं होगा। इससे निर्यात इन इलाकों में कम या जीरो कस्टम्स ड्यूटी पर तय मात्रा में निर्यात कर सकेंगे।

वहीं, चीनी उद्योग की संस्था ISMA ने सरकार से अनुरोध किया कि एक्सपोर्ट के लिए पहले से हो चुके कॉन्ट्रैक्ट्स के तहत निर्यात की इजाजत दी जाए। उसने कहा कि निर्यात अचानक रोकने से मिलों के लिए दिक्कत हो जाएगी, जिन्होंने विदेशी खरीदारों से करार कर लिए हैं।

अक्टूबर-सितंबर 2025-26 मार्केटिंग ईयर के लिए खाद्य मंत्रालय ने पहले 15 लाख टन चीनी निर्यात की इजाजत दी थी। उसके बाद और 5 लाख टन निर्यात की छूट दी गई, जिसमें से केवल 87587 टन की मंजूरी दी गई।