जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, निवेशकों का भरोसा इसलिए बढ़ा क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि सरकार रुपये की कमजोरी रोकने के लिए कदम उठाएगी। नायर ने कहा कि ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति की मुलाकात के सकारात्मक संकेतों से भी माहौल सुधरा। MOFSL के सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि अब निवेशकों का ध्यान कंपनियों के नतीजों से हटकर दुनिया भर के हालातों और सरकारी नीतियों पर है। इसमें अमेरिका-चीन की बातचीत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की यात्रा शामिल है, जहां कई समझौते हो सकते हैं।



