CMO जौनपुर के खिलाफ वॉरंट जारी

नवभारतटाइम्स.कॉम

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सीएमओ जौनपुर के रवैये पर नाराजगी जताते हुए जमानती वॉरंट जारी किया है। उन्हें 20 मई को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया गया है। एसपी जौनपुर को भी इसी दिन तलब किया गया है। बेसिक शिक्षा निदेशक को भी स्पष्टीकरण के साथ 18 मई को बुलाया गया है।

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nNBT रिपोर्ट, प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एसपी व सीएमओ जौनपुर के रवैए पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि दोनों अधिकारी अपने को कानून से ऊपर मानते हैं। आदेश नहीं मानते हुए कोर्ट को सख्त कार्रवाई के लिए विवश किया। कोर्ट ने सीएमओ जौनपुर को सीजेएम के मार्फत जमानती वॉरंट जारी कर 20 मई को हाजिर होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सीएमओ मैजिस्ट्रेट के समक्ष समर्पण कर 20 हजार रूपये का बंधपत्र व दो प्रतिभूति दें।

यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर तथा न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने अबू हुरैरा व तीन अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने एसपी जौनपुर को याची की बहन शबनम को हाई कोर्ट महानिबंधक कार्यालय से जबरन उठाने वाले दरोगा का नाम व पीएनओ बताने का आदेश दिया था। आदेश का पालन नहीं होने पर एसपी को भी 20 मई को हाजिर होने का निर्देश दिया है।

बेसिक शिक्षा निदेशक तलब: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा निदेशक को स्पष्टीकरण के साथ 18 मई को तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने सुशील कुमार सिंह की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची को बीएसए मऊ की तरफ से अनुभव प्रमाणपत्र जारी किया गया। सत्यता को लेकर सवाल उठने पर कोर्ट ने निदेशक से जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि डिस्पैच रजिस्टर में दर्ज नहीं है, और बीएसए का कहना है कि उनके हस्ताक्षर नहीं है। कोर्ट ने इसे बिना विवेक का इस्तेमाल किए दिया गया जवाब मानते हुए तलब किया है।