n अम्बरीश त्रिपाठी, नोएडा
देश के कीमती विदेशी मुद्रा भंडार (डॉलर) को बचाने, ईंधन की खपत कम करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री के वैकल्पिक माध्यमों को अपनाने के आह्वान को नोएडियंस ने न सिर्फ सकारात्मक रूप से लिया, बल्कि इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना भी शुरू कर दिया है। नोएडा के लोग अब आवागमन के लिए अपनी लग्जरी कारों को छोड़कर ई-रिक्शा, कारपूलिंग , इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और सार्वजनिक परिवहन का रुख कर रहे हैं। एनबीटी की इस रिपोर्ट में जानिए कि कैसे शहर के लोग इस मुहिम का हिस्सा बनकर देश की इकोनॉमी और पर्यावरण दोनों को रफ्तार दे रहे हैं।



