Vishal.sharma3
@timesofindia.com
n नई दिल्ली : पिछले साल 10 नवंबर को लाल किला के पास कार से हुए फिदायीन हमले में NIA ने 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों की चार्जशीट पटियाला हाउस कोर्ट में दायर कर दी है। यह चार्जशीट विशेष एनआईए कोर्ट में पेश की गई है। चार्जशीट में आतंकियों के उन खतरनाक मंसूबों के बारे में खुलासा हुआ है, जिसमें देश के सुरक्षा प्रतिष्ठान टारगेट पर थे।
चार्जशीट में खासतौर पर बताया गया है कि आरोपियों ने AK-47, क्रिंकोव राइफल और प्रतिबंधित हथियार अवैध तरीके से जुटाए थे। इसके अलावा ड्रोन और रॉकेट आधारित आईईडी पर भी रिहर्सल की जा रही थी, जिससे कि जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया जा सके। चार्जशीट में मुख्य आरोपी पुलवामा निवासी डॉ. उमर उन नबी का नाम शामिल है, जिसकी विस्फोट में मौत हो गई थी। अन्य आरोपियों में आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजामिल शकील, डॉ. आदिल अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयाब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार शामिल हैं।
जांच एजेंसी सूत्रों के मुताबिक सभी आरोपी आतंकी संगठन अंसार गजवत उल हिंद से जुड़े थे, जो अल कायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंट का सहयोगी संगठन माना जाता है। चार्जशीट में बताया गया है कि जांच जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर तक फैली रही। 588 गवाहों के बयान, 395 से अधिक दस्तावेज और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री को साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है। कई आरोपी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित मेडिकल प्रफेशनल थे। वैज्ञानिक और फरेंसिक जांच में इनके बड़े जिहादी षड्यंत्र का खुलासा हुआ।
एनआईए के मुताबिक 2022 में श्रीनगर में हुई एक मीटिंग में आरोपियों ने तुर्किये के रास्ते अफगानिस्तान पहुंचने की असफल कोशिश के बाद आतंकी संगठन एजीयूएच को दोबारा संगठित किया। इस नए संगठन के बैनर तले 'ऑपरेशन हेवनली हिंद' शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई भारत सरकार को उखाड़ फेंकना और देश में शरिया कानून लागू करना था।



