nNBT रिपोर्ट, कानपुर : कानपुर देहात में शुक्रवार को फिर तीन फैक्ट्रियों के बाहर श्रमिकों ने प्रदर्शन किया। वैभव एडिबल से शुरू हुआ प्रदर्शन ट्राइडेंट ऑटोकॉम्पोनेंट्स के अलावा राकेश मसाले की फैक्ट्री तक पहुंच गया। पुलिस-प्रशासन और श्रम विभाग के अधिकारियों ने बातचीत से स्थिति संभालते हुए प्रदर्शन खत्म करवाया।सहायक श्रमायुक्त रामाशीष ने बताया कि श्रमिकों को गलत मांगों के लिए उकसाया जा रहा है। वहीं, रनिया थाने में डीएम-एसपी की मौजूदगी में मजदूरों का प्रबंधन करने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों से बातचीत हुई।
दिल्ली-कोलकाता हाइवे किनारे रनिया इंडस्ट्रियल एरिया में वैभव एडिबल प्राइवेट लिमिटेड के श्रमिकों ने मांगों को लेकर गेट पर खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी। जानकारी होते ही अधिकारी फोर्स के साथ पहुंचे। काफी देर वार्ता के बाद कंपनी प्रबंधन ने मांगों पर सहमति जताई। जानकारी गेट पर चस्पा होने के बाद श्रमिक शांत हुए। इसके कुछ ही देर बाद रेलवे के लिए कलपुर्जे बनाने वाली ट्राइडेंट ऑटोकॉम्पोनेंट्स के कर्मचारी भड़क गए। मांग उठाते हुए कहा कि रेलवे केंद्र सरकार के अधीन है, इसलिए केंद्रीय वेतनमान लागू किया जाए। अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए प्रदर्शन खत्म करवाया। वहीं, राकेश मसाला के श्रमिक भी एनसीआर के बराबर वेतनमान की मांग कर रहे थे। गेट पर चस्पा आश्वासनों को भी फर्जी मान रहे थे। अधिकारियों ने यहां भी किसी तरह स्थिति संभाली। जानकारों का कहना है कि धीरे-धीरे श्रमिकों में आक्रोश बढ़ रहा है। हालात देखते हुए रनिया थाने में हुई बैठक में तय किया गया कि प्रशासन की तरफ से बनाई गईं टीमें फैक्ट्रियों का भ्रमण कर श्रमिकों से संवाद करेंगी। डीएम ने आदेश दिया कि सभी फैक्ट्रियों में न्यूनतम मजदूरी दरों की सूची, हेल्पलाइन नंबर और शिकायत पेटिका अनिवार्य रूप से लगवाई जाए।



