15 लाख गंवाने पर पता चला, बॉस नहीं, ठग का कॉल था

नवभारतटाइम्स.कॉम

साइबर ठगों ने एक कंपनी के कर्मचारी को अपना शिकार बनाया। ठगों ने बॉस के फोटो वाली वॉट्सऐप डीपी का इस्तेमाल किया। कर्मचारी को तुरंत 15 लाख रुपये ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया। कर्मचारी ने बिना सोचे-समझे रकम भेज दी। बाद में असली बॉस से बात करने पर ठगी का पता चला।

thug impersonates boss cheats employee of 15 lakhs using whatsapp dp

n NBT रिपोर्ट, सेक्टर-37

साइबर अपराधियों ने एक कंपनी के कर्मचारी को बॉस के फोटो वाली वॉट्सऐप डीपी लगाकर 15 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। साइबर क्राइम थाना मानेसर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

श्याम कुंज भौंडसी निवासी मिश्रा सुबोध कुमार ने पुलिस काे बताया कि वह सेक्टर-37, उद्योग विहार फेज-6 स्थित एक कंपनी में काम करते हैं। 18 मई को वह सेक्टर-37 में मौजूद थे, तभी उनके वॉट्सऐप पर एक नंबर से मेसेज आया। इस अकाउंट की प्रोफाइल पर उनके बॉस विनोद कुमार की फोटो थी और नाम VP दिख रहा था। ठग ने खुद को मीटिंग में व्यस्त बताते हुए सुबोध से कहा कि एक क्लाइंट को तुरंत 15 लाख रुपये की पेमेंट करनी है। सुबोध के फोन में उनके बॉस का नंबर पहले से VP नाम से ही सेव था, इसलिए उन्हें कोई शक नहीं हुआ। फर्जी बॉस ने सुबोध को एक बैंक अकाउंट डिटेल भेजी। सुबोध कुमार ने मीटिंग में खलल न डालने के विचार से बॉस को कॉल नहीं किया और तुरंत अपनी कंपनी के खाते से बताए गए 15 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर होने के तुरंत बाद सुबोध के पास उनके असली बॉस विनोद कुमार का फोन आया। उन्होंने खाते से 15 लाख लाख कटने की जानकारी मांगी। सुबोध ने कहा कि आपके कहने पर ही पैसे ट्रांसफर किए है तो बॉस ने ऐसी किसी भी पेमेंट की बात से साफ इनकार कर दिया।