RWA पर ठेली वालों से पर्ची सिस्टम से वसूली के आरोप

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नोएडा और ग्रेटर नोएडा की आरडब्ल्यूए पर ठेली वालों से अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। अधिकारियों से कहकर पहले अतिक्रमण के नाम पर ठेलियां हटवाई जाती हैं। फिर पर्ची काटकर उन्हीं ठेलियों को सेक्टर में लगने दिया जाता है। मासिक से लेकर साल भर की पर्ची कटवाने के ऑफर दिए जाते हैं।

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n NBT न्यूज, नोएडा

नोएडा और ग्रेटर नोएडा की आरडब्ल्यूए पर ठेली-पटरी वालों से वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि पहले अधिकारियों से कहकर अतिक्रमण के नाम पर ठेलियों को हटवाने की कार्रवाई कराई जाती है। इसके बाद पर्ची काट कर इन्हीं ठेलियों को सेक्टर में लगवाया जाता है। मासिक से लेकर साल भर की पर्ची कटवाने के ऑफर होते हैं। बिना पर्ची कटाए सेक्टर में ठेलियों को नहीं लगने दिया जाता। आरोप है कि इस तरह की अवैध वसूली के कारण ठेली लगाकर गुजारा करने वाले परेशान हैं। एक हजार रुपये प्रति महीना से लेकर साल भर के 15 हजार रुपये की पर्ची सोशल मीडिया पर वायरल हैं। रेहड़ी पटरी संचालक वेलफेयर असोसिएशन ने इस मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल, डीएम और मेरठ डिप्टी रजिस्ट्रार को शिकायत दी है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे आरडब्ल्यूए के खिलाफ कोर्ट का सहारा लेंगे।

इस तरह होता

है वसूली का खेल

रेहड़ी-पटरी संचालक वेलफेयर असोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम किशोर गुप्ता ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर दी शिकायत में कहा कि जिले भर के सेक्टरों की आरडब्ल्यूए में अवैध वसूली की जा रही है। उनका आरोप है कि आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्राधिकरण को शिकायत देते है कि अतिक्रमण हो रहा है। शिकायत के बाद प्राधिकरण अतिक्रमण हटाना शुरू कर देता है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अतिक्रमण हटना शुरू होते ही जिले भर के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अपने ऑफिस में फुटपाथ के व्यापारियों को बुलाते हैं और उनसे कहते हैं तुम दुकान लगाओ कोई दिक्कत नहीं है। आरडब्ल्यूए की एक हजार से तीन हजार की रसीद कटेगी, जिसके बाद दुकान प्राधिकरण नहीं हटाएगा। कुछ आरडब्ल्यूए अध्यक्ष एक साल की रसीद कटवा कर 15 हजार रुपये लेते हैं। जब रुपये देना बंद हो जाते है तो प्राधिकरण और पुलिस से शिकायत कर रेहड़ी हटवा देते हैं।