n NBT रिपोर्ट, नोएडा
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है जो दिल्ली-एनसीआर में कैब चलाने की आड़ में साइबर अपराधियों के लिए किराये के बैंक खाते का इंतजाम करता था। आरोपी अब तक 12 बैंक खाते ठगों को बेच चुका है। पकड़े गए आरोपी की पहचान दिल्ली के निहाल विहार निवासी 21 वर्षीय आकाश के रूप में हुई है।
डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि यह गिरोह मजदूर चौक पर रेकी कर गरीब मजदूरों और अपने साथियों को रुपयों का लालच देता था। इसके बाद उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनकी पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल सिम साइबर अपराधियों को सौंप दिए जाते थे। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर होने वाली ठगी की रकम को खपाने के लिए किया जाता था।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर निवासी एक सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर से हुई 1.29 करोड़ रुपये की डिजिटल अरेस्ट ठगी की जांच के दौरान हुई। ठगी की एक बड़ी राशि आकाश के खाते में ट्रांसफर हुई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से साइबर क्राइम पोर्टल पर 13 शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें कर्नाटक (4), महाराष्ट्र (3), और केरल (2) प्रमुख हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनके वॉट्सऐप चैट से मजदूरों को झांसे में लेने और ठगों से साठगांठ के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।



