पित्ताशय से निकाली 200 ग्राम की पथरी

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सैफई के आयुर्विज्ञान विवि में एक 62 वर्षीय महिला के पित्ताशय से 200 ग्राम की पथरी निकाली गई। यह लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से की गई। यह दुनिया की सबसे बड़ी पित्ताशय पथरी हो सकती है। गैस्ट्रो सर्जन डॉ. कन्हैया लाल चौधरी की टीम ने यह सफल ऑपरेशन किया।

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nNBT न्यूज, इटावा: सैफई स्थित उप्र आयुर्विज्ञान विवि में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के जरिए 62 वर्षीय महिला के पित्ताशय से 200 ग्राम की पथरी निकालने का दावा किया है। विवि के अनुसार यह लेप्रोस्कोपी तकनीक से निकाली गई दुनिया की सबसे बड़ी पित्ताशय पथरी हो सकती है।

विवि के अनुसार 14 सेंमी लंबी, 8.3 सेंमी चौड़ी और 4.2 सेंमी मोटी पथरी निकाली गई है। गैस्ट्रो सर्जन डॉ. कन्हैया लाल चौधरी ने टीम के साथ सफल ऑपरेशन किया है। इस दौरान पथरी को न्यूनतम चीर-फाड़ वाली तकनीक से निकाला गया। इतनी बड़ी पथरी को सामान्यतः ओपन सर्जरी के माध्यम से निकालना सुरक्षित और उपयुक्त माना जाता है। कारण आकार और जटिलता के कारण लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया में कई तकनीकी चुनौतियां आती हैं। इसके बावजूद सर्जिकल टीम ने उन्नत तकनीकों और विशेषज्ञता का प्रदर्शन करते हुए ऑपरेशन को सफल बनाया।

विवि ने दावा किया कि यह पथरी त्रिनिदाद एवं टोबैगो में लेप्रोस्कोपी के जरिए निकाली गई 178 ग्राम वजनी और 12.8 सेंमी लंबी पथरी से भी बड़ी है, जो मेडिकल जर्नल में दर्ज अब तक की सबसे बड़ी पथरी है। डॉ. चौधरी ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। विवि के कुलपति डॉ. अजय सिंह ने ऑपरेशन करने वाली टीम की सराहना करते हुए बधाई दी है।

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