दूसरों के कागजों पर फाइनैंस करा खरीदते थे गाड़ियां, फिर बेच देते

नवभारतटाइम्स.कॉम•
gang financing and selling vehicles with fake documents busted three arrested
n NBT रिपोर्ट, पलवल

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से लोन मंजूर कराकर गाड़ियां खरीदने और उन्हें दूसरे राज्यों में बेचने वाले गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक क्रेटा कार, फर्जी दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल किया गया लैपटॉप, मोबाइल फोन और 20 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गैंग अब तक करीब छह गाड़ियां अलग-अलग पतों पर खरीदकर दूसरे राज्यों में बेच चुका है। आरोपियों में एक निजी बैंक का अधिकारी भी शामिल है। बता दें कि इस मामले को नवभारत टाइम्स ने 18 सितंबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग का खुलासा किया।
पुलिस की अपील

पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने महत्वपूर्ण व्यक्तिगत दस्तावेज, जैसे आधार और पैन कार्ड, किसी अज्ञात या अप्रमाणित व्यक्ति के साथ साझा न करें। किसी भी तरह के वित्तीय या दस्तावेजी फर्जीवाड़े का संदेह होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करें। कागजात देते समय उन पर यह लिखना न भूलें कि वे किस वजह से दिए जा रहे हैं।