नारद की तपस्या से हिला इंद्र का सिंहासन

नवभारतटाइम्स.कॉम•
indras throne shaken by narads penance amazing staging in ramlila
n NBT न्यूज, ग्रेनो : रेलवे रोड स्थित श्री अग्रसेन इंटर कॉलेज में लवकुश धार्मिक रामलीला कमिटी की रामलीला में नारद मोह और रावण-कुंभकर्ण के जन्म का मंचन किया गया। कलाकारों ने प्रसंगों का प्रभावी मंचन कर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। मंचन में दिखाया गया कि देवऋषि नारद तपस्या में लीन हो जाते हैं। इससे देवराज इंद्र का सिंहासन हिलने लगता है। इंद्र उनकी तपस्या भंग करने के लिए देवलोक की अप्सराओं मेनका और रंभा को भेजते हैं, लेकिन वे सफल नहीं हो पातीं। इसके बाद इंद्र कामदेव को भेजते हैं। कामदेव भी नारद की तपस्या भंग नहीं कर पाते। नारद उन पर विजय प्राप्त कर लेते हैं।