वित्त मंत्री ने कहा, चीन से व्यापार में नॉन-टैरिफ बैरियर सबसे बड़ी बाधा

नवभारतटाइम्स.कॉम•
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nNBT रिपोर्ट, नई दिल्ली

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौता जल्द होने की उम्मीद है। वहीं, उन्होंने चीन के साथ भारत के बढ़ते व्यापार असंतुलन पर चिंता जताई। वह विश्व बैंक और IMF की सालाना बैठकों के दौरान बैंकॉक में अटलांटिक काउंसिल से बात कर रही थीं।
सीतारमण ने कहा कि चीन से भारत का व्यापार असंतुलन तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों के लिए वहां मौजूद बाधाएं चिंता की बात हैं। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जेनेरिक दवाओं, पशुओं के मांस, सब्जियों सहित अन्य उत्पादों के लिए राह आसान करने की बात चीन से कहता रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच व्यापार में नॉन-टैरिफ बैरियर सबसे बड़ी बाधा हैं। अप्रैल-सितंबर छमाही में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 68.93 बिलियन डॉलर पर पहुंच चुका है, जो सालभर पहले की इसी छमाही में 54.06 बिलियन डॉलर पर था।

सीतारमण के बयान पर चीन ने शुक्रवार को कहा कि ' एक दूसरे की ' आर्थिक और व्यापारिक चिंताएं दूर करने के लिए वह काम करने को तैयार है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, 'चीन कभी भी ट्रेड सरप्लस के मकसद से काम नहीं करता। हम एक दूसरे की आर्थिक और व्यापारिक चिंताओं पर संतुलित रूप से गौर करने और द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।'

यूएस ट्रेड डील पर वित्त मंत्री ने कहा, 'हाल में वाणिज्य मंत्री ने भी उम्मीद जताई है कि समझौते पर जल्द हस्ताक्षर हो जाएंगे। बातचीत जारी है। मुझे उम्मीद है कि वैश्विक व्यापार और भारत-अमेरिका के बीच व्यापार, दोनों के हित में यह समझौता जल्द से जल्द पूरा हो जाएगा।'

रुपये में ट्रेड: वित्त मंत्री ने कहा कि भारत रुपये में व्यापारिक भुगतान के निपटान को बढ़ावा देना चाहता है ताकि विदेशी मुद्राओं की कमी से जूझ रहे साझेदार देश भी जरूरी वस्तुओं का आयात जारी रख सकें।