Gold Etf Fof New Investment Closed Big News For Investors Know The Reason
गोल्ड ETF FoF में नया निवेश बंद
नवभारतटाइम्स.कॉम•
nNBT रिपोर्ट, मुंबई
देश के 17 प्रमुख MF हाउसों ने अपने गोल्ड फंड ऑफ फंड्स (Gold FoFs) में नए एकमुश्त निवेश, स्विच-इन और नई SIP /STP रजिस्ट्रेशन पर अस्थायी रोक लगा दी है। राहत की बात यह है कि जिन निवेशकों की SIP पहले से चल रही है, वे जारी रहेंगी और निवेशकों के पैसा निकालने पर भी कोई पाबंदी नहीं है। HDFC MF, कोटक महिंद्रा MF, टाटा MF और ICICI प्रूडेंशियल MF उन 17 फंड हाउसों में शामिल हैं जिन्होंने अपने निवेशकों को इन पाबंदियों की जानकारी दी है। फंड हाउसों के मुताबिक, यह रोक अस्थायी है और अगला आदेश आने तक लागू रहेगी।डिस्ट्रीब्यूटर प्लैटफॉर्म Creso के अनुसार, फंड हाउसों ने गुरुवार शाम से नोटिस भेजने शुरू कर दिए थे, जिससे उनकी गोल्ड स्कीम्स में नए पैसे आने का रास्ता बंद हो गया। क्रेशो ने बताया कि बाजार नियामक SEBI ( सेबी ) ने इस मामले पर कोई सार्वजनिक सर्कुलर जारी नहीं किया है।
किन पर पड़ा है असर? : ET के मुताबिक, यह रोक चुनिंदा गोल्ड FoFs पर लागू होती है, जो गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में पैसा लगाते हैं और MF के जरिए निवेशकों को सोने में निवेश का मौका देते हैं। प्रभावित होने वाली स्कीम्स में कोटक गोल्ड फंड, कोटक गोल्ड सिल्वर पैसिव FoF, टाटा गोल्ड ETF फंड ऑफ फंड और ICICI प्रूडेंशियल गोल्ड ETF FoF जैसी स्कीम्स शामिल हैं। कुछ फंड हाउसों जैसे कोटक ने पुरानी SIP में रकम बढ़ाने (स्टेप-अप) पर रोक लगाई है। टाटा ने टॉप-अप बंद कर दिया है।
क्या है पाबंदियों का मतलब?
आनंद राठी वेल्थ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आदिल चाको ने बताया कि ऐसा लगता है कि इस कदम का मकसद सोने की डिमांड को कम करना और भारत के इंपोर्ट बिल और रुपये पर दबाव कम करना है। IBJA के प्रेजिडेंट पृथ्वीराज कोठारी का कहना है कि इसकी वजह मैक्रोइकॉनॉमिक है, सोने की कमी नहीं। जानकारों का मानना है कि यह कदम रुपये को स्थिर करने की कोशिश है, जो इस साल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दबाव में रहा है। जानकारों के मुताबिक, रोक SEBI के निर्देशों पर लगाई गई है।