महिलाओं की भागीदारी

नवभारतटाइम्स.कॉम•
increasing participation of women new generations call to empower democracy
भारतीय लड़कियों, महिलाओं का आंदोलनों में बढ़ता नेतृत्व संकेत देता है कि नई पीढ़ी व्यवस्था के फैसलों को चुपचाप स्वीकार करने के बजाय सवाल पूछने, जवाबदेही तय करने और बदलाव लाने के लिए तैयार है। जंतर-मंतर से लेकर वैश्विक मंचों तक छात्राओं और युवा महिलाओं की सक्रियता लोकतंत्र को अधिक जवाबदेह, संवेदनशील और समावेशी बनाने की उम्मीद जगाती है। उनके संघर्षों को केवल तात्कालिक विरोध या छात्र राजनीति तक सीमित मानना उचित नहीं है। शिक्षण संस्थानों, राजनीतिक दलों और लोकतांत्रिक संस्थाओं में उन्हें समान अवसर, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नेतृत्व के लिए अनुकूल माहौल मिलना चाहिए। वे देश की राजनीति और समाज को अधिक न्यायपूर्ण, समानतापूर्ण और लोकतांत्रिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

अंजनी कुमार दाधीच, ईमेल से
 कॉलर की पहचान जरूरी

फर्जी कॉल, साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और स्पैम कॉल पर लगाम लगाने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने 1 नवंबर 2026 से कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत देशभर में चरणबद्ध तरीके से 4जी और 5जी नेटवर्क पर कॉल करने वाले का नाम दिखाई देगा। यह सराहनीय कदम है, लेकिन इससे फर्जी कॉल पूरी तरह बंद होने की गारंटी नहीं है। इसलिए यूजर्स को सतर्क रहना होगा। सरकार को डिजिटल साक्षरता बढ़ाने में भी निवेश करना चाहिए, ताकि लोग तकनीक का सुरक्षित और बेहतर इस्तेमाल कर सकें। यह पहल तभी सार्थक होगी, जब स्पैम कॉल करने वालों की पहचान प्रभावी ढंग से हो सके।

दीपा सिन्हा, ईमेल से