गोल्ड लोन में तेज़ी के पीछे तंगी?

नवभारतटाइम्स.कॉम•
gold loan boom are people trapped in debt
nNBT रिपोर्ट, नई दिल्ली

भारत में गोल्ड लोन (सोने के बदले मिलने वाले कर्ज) में आ रही बेतहाशा तेजी के पीछे क्या लोगों की तंगी और कर्ज के जाल में फंसना एक बड़ा कारण है? Macquarie की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई फाइनैंस कंपनियां ऐसे ग्राहकों को भी सोना गिरवी रखकर नया लोन दे रही हैं, जो पहले से ही कर्ज चुकाने में बुरी तरह पिछड़ चुके हैं। जिनका पुराना लोन ओवरड्यू (समय पर न चुकाया गया) चल रहा है। इस ट्रेंड से यह सवाल खड़ा होता है कि क्या गोल्ड लोन का इस्तेमाल लोग अपनी जरूरतें पूरी करने या कमाई बढ़ाने के लिए कर रहे हैं, या फिर यह सिर्फ पुराने कर्ज को छिपाने और मैनेज करने का एक जरिया बनता जा रहा है।
Piramal फाइनैंस के एमडी और सीईओ जयराम श्रीधरन ने बताया कि पिछले एक साल में इंडस्ट्री में हुए कुल गोल्ड लोन वितरण का 15% से 23% हिस्सा ऐसे ग्राहकों को गया, जो अपने पिछले लोन को चुकाने में 90 दिन से ज्यादा की देरी कर चुके थे।

TOI के मुताबिक, पिछले हफ्ते अपनी अर्निंग्स कॉल के दौरान बजाज फाइनैंस ने कहा कि वह कम अवधि वाले गोल्ड लोन से दूरी बना रहा है। कम अवधि के लोन की वजह से अक्सर ग्राहक समय पर मूलधन और ब्याज नहीं चुका पाते, जिससे अनजाने में ही वे डिफॉल्ट (डिलिंक्वेंट) हो जाते हैं। कंपनी लंबी अवधि वाले लोन को ज्यादा पसंद करती है जिससे ग्राहकों को कर्ज चुकाने में लचीलापन मिलता है।