Faizullaganj To Get Relief From Floods Strong Embankment And Modern Pumping Station To Be Built At A Cost Of 230 Crore
फैजुल्लागंज बंधे और बाढ़ पंपिंग स्टेशन के लिए 230 करोड़ मंज़ूर
नवभारतटाइम्स.कॉम•
nNBT रिपोर्ट, लखनऊ
फैजुल्लागंज में हर साल बाढ़ की त्रासदी झेलने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। शासन ने फैजुल्लागंज बंधे के निर्माण और बाढ़ पंपिंग स्टेशन बनाने के लिए 330 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से फैजुल्लागंज, घैला, खदरा और आसपास की करीब 5 लाख की आबादी को बाढ़ से स्थायी रूप से राहत मिलेगी। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि बंधे के लिए 182 करोड़ रुपये और 12 पंपिंग स्टेशन के लिए 148 करोड़ रुपये शासन से मंजूर कर दिए गए हैं। अगले महीने तक दोनों कामों का टेंडर जारी कर दिया जाएगा।दरअसल, गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने पर सबसे ज्यादा असर फैजुल्लागंज क्षेत्र पर पड़ता है। घैला पुल के पास बंधा न होने और ड्रेनेज सिस्टम कमजोर होने से हर साल बरसात में सैकड़ों घरों में पानी भर जाता है। इस बार भी बाढ़ में सैकड़ों परिवारों को अपना घर छोड़कर पलायन करना पड़ा था। इस समस्या को देखते हुए एलडीए ने फैजुल्लागंज में नया बंधा और बाढ़ पंपिंग स्टेशन बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। लंबे समय से पेंडिंग इस प्रस्ताव को अब शासन ने मंजूरी दे दी है। दो फेज में 5.50 किलोमीटर बंधे का निर्माण होगा। एलडीए वीसी के मुताबिक, स्वीकृत बजट में फैजुल्लागंज बंधे को मजबूत और ऊंचा किया जाएगा। घैला से लेकर बंधा रोड तक करीब साढ़े पांच किलोमीटर लंबे बंधे का निर्माण और सुदृढ़ीकरण होगा। साथ ही बंधे के किनारे सर्विस रोड बनाई जाएगी, ताकि पेट्रोलिंग और आपात स्थिति में आवाजाही आसान हो सके।
वहीं दूसरे चरण में फैजुल्लागंज में एक बड़ा पंपिंग स्टेशन बनाया जाएगा। अभी क्षेत्र में छोटे-छोटे पंपों से पानी निकाला जाता है, जो बाढ़ के समय नाकाफी साबित होते हैं। नया पंपिंग स्टेशन बनने से बरसात के पानी को तेजी से गोमती में डाला जा सकेगा। इससे जलभराव की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। पंपिंग स्टेशन पूरी तरह ऑटोमैटिक होगा और 100 क्यूसेक से अधिक पानी निकालने की क्षमता वाला होगा। शासन से पैसा स्वीकृत होने के बाद अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लक्ष्य रखा गया है कि अगले मॉनसून से पहले बंधे का ज्यादा से ज्यादा काम पूरा कर लिया जाए, ताकि लोगों को अगली बार बाढ़ से जूझना न पड़े।