KGMU में खुलेगी DNA से पहचान की नई राह, लैब शुरू

नवभारतटाइम्स.कॉम•
kgmu opens dna fingerprinting lab identification of unknown bodies missing persons and paternity cases will be done
nNBT न्यूज, लखनऊ : अब डीएनए जांच से अज्ञात शवों और लापता लोगों की पहचान करने के साथ ही पितृत्व से जुड़े मामलों की जांच केजीएमयू में ही हो सकेगी। इसके लिए केजीएमयू के फरेंसिक मेडिसिन व टॉक्सिकोलॉजी विभाग में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में अपनी तरह की पहली डीएनए फिंगरप्रिंटिंग प्रयोगशाला शुरू की गई है। शुक्रवार को कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने इसका उद् घाटन किया। मौके पर फॉरेंसिक डीएनए प्रोफाइलिंग पर दो दिवसीय कार्यशाला भी शुरू हुई।

नवजात की अदला-बदली से लेकर आपदा पीड़ितों की पहचान तक : विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप कुमार वर्मा ने बताया कि डीएनए प्रोफाइलिंग से अज्ञात शवों, लापता व्यक्तियों और आपदा में जान गंवाने वालों की पहचान में मदद मिलेगी। इसके अलावा पितृत्व निर्धारण और अस्पतालों में नवजात शिशुओं की अदला-बदली जैसे मामलों की जांच में भी यह तकनीक उपयोगी है। इससे वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को मजबूती मिल सकती है।
दिया जा रहा व्यावहारिक प्रशिक्षण : डॉ. अंशु प्रिया ने बताया कि प्रयोगशाला में अनुसंधान, प्रशिक्षण और आणविक निदान पर काम किया जाएगा। शुक्रवार से शुरू हुई दो दिवसीय कार्यशाला में विभिन्न राज्यों से आए डॉक्टरों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों को डीएनए निकालने, पीसीआर, एसटीआर प्रोफाइलिंग और डीएनए रिपोर्ट की व्याख्या का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।