n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : प्रदेश में इस बार बटाईदार क्रय केंद्रों पर अधिकतम 100 क्विंटल धान ही बेच पाएंगे। सरकार ने पहली बार उनकी बिक्री सीमा तय की है।
खरीद के लिए बटाईदार को मूल किसान की लिखित सहमति, हलफनामा, भूलेख और आधार से जुड़े मोबाइल पर आई ओटीपी के साथ पंजीकरण करवाना होगा। इसके बाद फसल का ऑनलाइन सत्यापन होगा और मूल किसान को एसएमएस से सूचना दी जाएगी कि उसकी जमीन बटाईदार श्रेणी में दर्ज हुई है। बटाई पर दी जमीन के बाद बची जमीन की फसल मूल किसान बेच सकेगा। भुगतान मूल किसान और बटाईदार दोनों के खातों में ऑनलाइन होगा। मानकहीन धान पर सफाई किसान करेगा या 20 रुपये प्रति कुंतल छनाई शुल्क देगा। कमी मिलने पर यह नियम लागू होगा।