दीपोत्सव को वैश्विक पहचान के अनुरूप भव्य बनाएं : योगी

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yogis instructions to make ayodhya deepotsav grand in line with global recognition ramayana show with 211 drones
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : अयोध्या में 7 नवंबर को होने वाला दीपोत्सव कार्यक्रम के साक्षी एक दर्जन से अधिक राज्यों के कलाकार और कई देशों के राजनयिक बनेंगे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की।

सीएम ने कहा कि अयोध्या में आयोजित होने वाला 10वां दीपोत्सव भारतीय संस्कृति , सनातन परंपरा और जनआस्था का भव्य उत्सव होगा। 2017 में शुरू हुई दीपोत्सव की यात्रा आज वैश्विक पहचान प्राप्त कर चुकी है। इस वर्ष दीपोत्सव के एक दशक पूरा होने के अवसर पर राम की पैड़ी सहित संपूर्ण अवधपुरी को गत वर्ष की भांति लाखों दीपों से आलोकित किया जाए। समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आयोजन की धार्मिक गरिमा, सांस्कृतिक परंपरा और भव्यता के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही 26 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सभी जिलों में मंदिरों में वाल्मीकि रामायण का अखंड पाठ, रामायण आधारित प्रस्तुतियां और चित्रकला गतिविधियां करवाने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में चित्रकूट स्थित रामघाट के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामघाट के विकास में स्थानीय धार्मिक व ऐतिहासिक महत्त्व और जनभावनाओं का पूरा ध्यान रखा जाए।
211 ड्रोन से दिखाया जाएगा रामायण आधारित शो : इस दौरान अपर मुख्य सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति ने बताया कि दीपोत्सव का आयोजन तीन प्रमुख चरणों में संपन्न होगा। प्रथम चरण में साकेत महाविद्यालय से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। द्वितीय चरण में रामकथा पार्क में प्रभु श्रीराम और माता सीता के स्वरूपों का प्रतीकात्मक आगमन, भरत मिलाप और श्रीराम के राज्याभिषेक से जुड़े कार्यक्रम होंगे। तृतीय चरण में सरयू आरती, दीप प्रज्ज्वलन, राम की पैड़ी पर 200 कलाकारों की प्रस्तुतियां, 2,100 ड्रोनों का आकाश में रामायण आधारित शो, लेजर प्रस्तुति, गोंडा पुल के समीप हरित आतिशबाजी और अंतरराष्ट्रीय रामलीलाओं का मंचन होगा।