सब कुछ है, फिर TIFFA बाहर क्यों?

नवभारतटाइम्स.कॉम•
dufferin hospital has tiffa scan facility yet pregnant women are forced to wander from door to door
nदीक्षा गौड़, लखनऊ

वीरांगना अवंतीबाई अवंतीबाई महिला अस्पताल (डफरिन) में टीफा (TIFFA) स्कैन की सुविधा होने के बावजूद गर्भवतियों को जांच के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। अस्पताल में केवल चुनिंदा मरीजों का ही टीफा स्कैन किया जाता है, जबकि ज्यादातर को केजीएमयू रेफर कर दिया जाता है या निजी सेंटरों से जांच करवाने को कहा जाता है। केजीएमयू में लंबी वेटिंग और समय सीमा बीतने के डर से मजबूरन तीमारदार निजी सेंटरों पर 2500 से 4000 रुपये तक खर्च करने को विवश हैं। डफरिन अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 400 से 500 मरीज पहुंचते हैं, जिनमें ज्यातादर गर्भवती महिलाएं होती हैं। लखनऊ समेत आसपास के जिलों से बड़ी उम्मीद लेकर आने वाले मरीजों को जब अस्पताल में जांच नहीं मिलती तो उनकी जेब पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। सरकारी संस्थान केजीएमयू में जहां टीफा स्कैन का शुल्क 1000 रुपये है, वहीं निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों पर यही जांच 2500 से 4000 रुपये में हो रही है।