Voter List Errors Ai And Bureaucratic Negligence Turn Ram Hit Into Ram Mara Father Into Bcom
आगे-आगे देखिए...
नवभारतटाइम्स.कॉम•
इंजीनियर साहब नीम के पेड़ तले मुंह को अखबार से ढंके कुर्सी डाले धूप सेंक रहे थे। हमने सोचा आज हम ही इन पर पहले हमला कर दें। उनके पास जाकर कहा, 'अब तो वोटर लिस्ट में फौजदारी हो रही है। न जाने क्या-क्या देखना होगा।' इंजीनियर साहब ने अखबार हटाकर झांका, फिर बोले, 'क्या हुआ?' हमने सुनाया, 'AI और बाबुओं की लापरवाही मिलकर क्रिएटिविटी की नई ऊंचाइयां छू रहे हैं। राम हित बेचारा राम ने मारा हो जा रहा है।' इंजीनियर साहब मुस्कुरा कर बोले, 'दिवाली, दशहरे का सीजन है, तो ये सब पौराणिक बातें चलने में क्या समस्या है?'
इंजीनियर साहब को मूड में आते देखकर हमने कहा, 'ये तो चलो फिर भी गलत अनुवाद है, उस मामले का क्या जहां पिताजी के नाम की जगह बीकॉम लिख दिया?' इंजीनियर साहब चहक कर बोले, 'होगी समाज को साक्षर बनाने की कोई नई स्कीम। आप को क्या तकलीफ है?' फिर बातचीत की कमान अपने हाथों में लेते हुए कहा, 'हमारे चचा कहते थे, लौटत बरतिहा और गुजरा गवाह- दोनों की कोई कद्र नहीं होती।' फिर इसकी व्याख्या करते हुए बोले, 'जैसे दुल्हन की विदाई के बाद बराती मारे-मारे घूमते हैं, और गवाही देने के बाद गवाह को कचहरी में छोड़ दिया जाता है, उसी तरह लोकतंत्र में चुनाव के बाद वोटर की यही इज्जत रह जाती है। वह तो गनीमत है कि फिर से चुनाव होने वाले हैं, इसलिए इन सब गलतियों की ओर ध्यान जा रहा है वरना पिता जी बीकॉम बने खेत में फावड़ा चला रहे होते और राम हित बाबू रामलीला के कलाकार बने इधर-उधर डोल रहे होते।' हमने कहा, 'आज कोई ज्ञान का सूत्र नहीं दिया?' इंजीनियर साहब अखबार के नीचे से बोले, 'राह-ए-दूर-ए-इश्क में रोता है क्या, आगे-आगे देखिए होता है क्या।'