मिट्टी का गुल्लक

नवभारतटाइम्स.कॉम
clay piggy bank the changing form of golak and its importance in folk life
‘गुल्लक’ शब्द सुनते ही सबसे पहले मन में किसी गोल वस्तु की आकृति उभरती है- मिट्टी का छोटा, सुराही जैसा बंद पात्र, जिसमें सिक्के डालने के लिए ऊपर एक पतला छिद्र होता है। समय के साथ प्लास्टिक, धातु और सिरामिक के गुल्लक ने अपना स्थान बना लिया। गुल्लक को कहीं-कहीं गोलक भी कहते हैं। यानी गोल आकार वाली चीज। संस्कृत और हिंदी में इसी अर्थ के कारण आंख की पुतली, गुंबद या किसी गोलाकार संरचना के लिए भी ‘गोलक’ शब्द का प्रयोग मिलता है। लेकिन लोकजीवन में ‘गोलक’ का संसार और भी दिलचस्प है। ग्रामीण क्षेत्रों में अनाज, धन या दूसरी कीमती वस्तुओं को सुरक्षित रखने के लिए कपड़े की एक बड़ी थैली बनाई जाती थी। कई जगह इसे ‘गोलक’ कहा जाता है। इस शब्द का एक और रूप दिखाई देता है। बांग्ला में इसी शब्द को गोलोक कहते हैं। दुकानों में अनाज या दूसरी वस्तुएं रखने के लिए लकड़ी के बने चौकोर खाने या गल्ले के लिए कुछ क्षेत्रों में ‘गोलक’ शब्द का इस्तेमाल होता है। यह शब्द भी दूसरे शब्दों की तरह प्रचलन से बाहर हो रहा है।