Ias Rinku Singh Rahi Exposes Corruption In Outsourcing Of Government Vehicles Demands Investigation From Labor Commissioner And Transport Commissioner
IAS रिंकू सिंह राही ने फिर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
Contributed by: Ankur.Tiwari|नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : जालौन में जॉइंट मैजिस्ट्रेट के पद पर तैनात आईएएस रिंकू सिंह राही ने सरकारी वाहनों की आउटसोर्सिंग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाया है। 31 अगस्त 2026 को भेजे पत्र में उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी कार्यालय में आउटसोर्सिंग एजेंसी से उपलब्ध करवाए गए वाहन की जांच में नियमों का उल्लंघन मिला। वाहन सरकारी कार्य में लगा था, लेकिन उसका व्यावसायिक, यानी पीली नंबर प्लेट वाला पंजीकरण नहीं था, जबकि आउटसोर्सिंग के लिए यह अनिवार्य है।
राही ने श्रमायुक्त और परिवहन आयुक्त को पत्र भेजकर व्यापक जांच की मांग की है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि भ्रष्टाचार रोक नहीं सकता, तो उसे उजागर कर ऑन रिकॉर्ड ला सकता हूं। उनके अनुसार चालक को केवल करीब 6,000 रुपये प्रतिमाह मिल रहे थे और भुगतान कई महीनों तक लंबित रहता था। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि संविदाकार अक्सर बिचौलिए बनकर कमिशन लेते हैं, वाहन सबलेट करते हैं और वास्तविक मालिक व चालक शोषण झेलते हैं। इससे निविदा शर्तों, निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था कमजोर होने की बात कही गई।