ख़ूबसूरत अहसास जिस पल मिले उसे समेट लीजिए

Contributed byनिर्मल जैन|नवभारतटाइम्स.कॉम
live every moment of life the essence of a life full of confidence and simplicity
अधिक उम्र तक जीना अपने आप में गौरव का विषय है। लेकिन, जैसे-जैसे आयु बढ़ती है, हम अक्सर गिनतियों के भ्रम में पड़कर महसूस करने लगते हैं कि शरीर की गतिविधियां धीमी हो रही हैं। ऐसा हो सकता है, लेकिन आत्मविश्वास उम्र को हावी नहीं होने देता। इसलिए विनम्रता और आंतरिक शक्ति के संतुलन का सहारा लेना जरूरी हो जाता है। तितली की तरह हल्के-फुल्के अंदाज में उड़ते रहना और अपनी मर्यादा व दृढ़ता के साथ खड़े रहना सबसे बड़ी ताकत है।

सपनों का पीछा करना न छोड़ें और अंदर से उड़ने का साहस बटोरें। जब हम अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हैं, तो असंभव को भी संभव बनाने की राह खुलती है। हमें जो कुछ चाहिए, उसका मूल स्रोत हमारे भीतर ही मौजूद है। आत्मविश्वास बाहर से नहीं, भीतर से पैदा होता है। इसलिए बाहरी स्वीकृति की तलाश छोड़कर अपनी क्षमता पर भरोसा करने वाला ही मजबूत बना रहता है। सच है, जिंदगी बीते पलों को दोहराती नहीं। इसलिए खूबसूरत अहसास जिस पल मिले, उसे समेट लेने में समझदारी है। जीवन के हर मोड़ पर फैसले हमारी इच्छा के अनुसार हों, यह जरूरी नहीं। कभी समय रास्ता चुनता है, तो कभी परिस्थितियां हमारी मंजिल बदल देती हैं। तो कई बार दूर क्षितिज को निहारने की चाह में हमारे पास मौजूद अनमोल दृश्य अनदेखे रह जाते हैं।
जैसे फसल मूसलाधार बारिश से नहीं, समय पर होने वाली स्थिर वर्षा से लहलहाती है, वैसे ही असली ताकत ऊंचे सटीक विचारों और पुरुषार्थ में होती है। व्यक्तित्व का अर्थ केवल चेहरा, पहनावा या बाहरी आकर्षण नहीं, उत्तम व्यवहार और शालीन प्रस्तुति है। बीते दिनों की स्मृतियां हमारे पास हैं और आने वाले कल के सपने भी। लेकिन आज का दिन केवल आज का है। यही वर्तमान क्षण सबसे अनमोल है। इसलिए इसका भरपूर आनंद लें।

जीवन से अनावश्यक बातें, अपेक्षाएं और बोझ हटाते जाएं। यही सरलता हमें हमारे परिवार, मित्रों, समाज और राष्ट्र को अधिक स्वस्थ, प्रसन्न और सुरक्षित बना सकती है।