स्टूडेंट कोड और एक्जिट टेस्ट से फर्ज़ी रजिस्ट्रेशन पर लगेगी लगाम

Contributed byranvijay.singh1|नवभारतटाइम्स.कॉम
student code and exit test to curb bams fake registrations big step by ncism
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ: बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन ऐंड सर्जरी (BAMS) के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आयुर्वेद बोर्ड में रजिस्ट्रेशन कराना अब मुश्किल होगा। नैशनल कमिशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) ने 2021-22 बैच से यूनिक स्टूडेंट कोड व्यवस्था शुरू की थी, जिसका पहला बैच इस साल पास होकर निकलेगा। इसलिए इस साल आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड में रजिस्ट्रेशन के दौरान उम्मीदवारों को डिग्री और अन्य दस्तावेज के साथ अपना स्टूडेंट कोड भी देना होगा। इस कोड से छात्र के कॉलेज, प्रवेश, परीक्षाओं, इंटर्नशिप, डिग्री और पूरे अकादमिक रिकॉर्ड की ऑनलाइन जांच हो सकेगी।

यह व्यवस्था कॉलेजों में ‘घोस्ट फैकल्टी’ रोकने के लिए लागू यूनीक टीचर कोड की तर्ज पर बनाई गई है। इसका उद्देश्य ‘घोस्ट स्टूडेंट’, फर्जी सीट ब्लॉकिंग, एक ही छात्र के कई कॉलेजों में दाखिले, रिकॉर्ड में हेरफेर और फर्जी रजिस्ट्रेशन जैसी गड़बड़ियों को रोकना है। हाल के महीनों में BAMS डिग्रीधारकों के रजिस्ट्रेशन में अनियमितताएं सामने आने के बाद यह निगरानी तंत्र और अहम माना जा रहा है।
इसके साथ NCISM BAMS पास छात्रों के लिए नैशनल एक्जिट टेस्ट (NEXT) लागू करने की तैयारी भी कर रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, आयुर्वेद बोर्ड में रजिस्ट्रेशन केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगा जो यह ऑल इंडिया परीक्षा पास करेंगे। पहले इसे इसी बैच से लागू करने की योजना थी, लेकिन आपत्तियों के कारण स्थगित करना पड़ा। अब इसे फिर लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि स्टूडेंट कोड और NEXT से फर्जीवाड़ा घटेगा तथा BAMS शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता बेहतर होगी। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी ज्यादा भरोसेमंद बन सकेगी।